Bihar Election Counting 2025 : मतगणना के दिन बिहार पुलिस का सख्त पहरा, डीजीपी की चेतावनी– कानून तोड़ने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से पहले पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। डीजीपी विनय कुमार ने साफ चेतावनी दी है कि मतगणना के दौरान कानून तोड़ने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा और किसी भी हिंसा या उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाए

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 13 Nov 2025 02:14:58 PM IST

Bihar Election Counting 2025 : मतगणना के दिन बिहार पुलिस का सख्त पहरा, डीजीपी की चेतावनी– कानून तोड़ने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा

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Bihar Election Counting 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से पहले राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गए हैं। 14 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसके लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। राज्य के सभी 46 मतगणना केंद्रों पर पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि गिनती प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसक घटना को रोका जा सके।


राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने मतगणना से एक दिन पहले बड़ा बयान देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मतगणना के दौरान या उसके बाद किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा, तोड़फोड़, उकसावे या अफवाह फैलाने जैसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मतगणना केंद्रों के आसपास शांति और सुरक्षा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि CCTV कैमरों के जरिए सभी केंद्रों की निगरानी की जाएगी, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई होगी। मुख्यालय से लगातार सभी जिलों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ जुटने पर पुलिस तुरंत सख्त कदम उठाएगी।


उन्होंने कहा, “हमने सभी जिलों में स्पष्ट आदेश भेजे हैं कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या समूह माहौल खराब करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कर BNS की कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।”


डीजीपी विनय कुमार ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से भी अपील की है कि परिणाम आने के बाद विजय जुलूस या हुड़दंग से बचें। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग और पुलिस ने मिलकर तय किया है कि किसी भी तरह का विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। किसी भी दल या समर्थक द्वारा जुलूस या नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, तो पुलिस तुरंत दखल देगी।


डीजीपी ने कहा कि “चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, लेकिन इसे अनुशासन और कानून की मर्यादा में रहकर मनाना होगा। जीत या हार दोनों स्थितियों में शांति बनाए रखना जरूरी है।” उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि नतीजों के दिन वे घर पर रहकर टीवी या मोबाइल के जरिए परिणाम देखें, भीड़ या अफवाहों से दूर रहें।


उन्होंने कहा, “किसी के कहने या उकसाने पर कानून तोड़ने की गलती न करें। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और स्पीडी ट्रायल के जरिए कोर्ट से सजा भी दिलवाई जाएगी।”


बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से जानकारी दी गई है कि सभी 46 मतगणना केंद्रों के बाहर मल्टी लेयर सिक्योरिटी सिस्टम तैयार किया गया है। पहले रिंग में सिविल पुलिस, दूसरे में जिला पुलिस, और तीसरे रिंग में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमें भी तैनात रहेंगी।


वहीं, निर्वाचन आयोग ने भी स्पष्ट किया है कि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी और उसके बाद ईवीएम के वोट खोले जाएंगे। आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्र के भीतर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की एंट्री न हो और मीडिया कर्मियों के लिए तय जोन में ही व्यवस्था हो।


मतगणना के दिन प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरे राज्य में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।


मतगणना से पहले पुलिस और प्रशासन की सक्रियता यह संदेश दे रही है कि बिहार इस बार हिंसा या तनाव नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण परिणाम का गवाह बनेगा। डीजीपी विनय कुमार की सख्त चेतावनी और सुरक्षा की तैयारियां यह साफ संकेत हैं कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ इस बार कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।