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Bihar News: वर्तमान में बिहार के आधे से ज्यादा विधायक दागी, कौन सबसे अमीर और कौन गरीब? यहां जानिए..

Bihar News: बिहार के 66% विधायकों पर आपराधिक केस, 49% पर गंभीर मामले। ये विधायक सबसे अमीर। 80% हैं करोड़पति, BJP-RJD में ज्यादा दागी..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और बिहार इलेक्शन वॉच की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 के चुनाव में जीते 241 विधायकों में से 66% यानी 158 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें 49% (119 विधायक) पर हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं।


सबसे चिंताजनक बात ये है कि 16 विधायकों पर हत्या के केस दर्ज हैं। ADR के संयोजक राजीव कुमार ने कहा है कि ये आंकड़े लोकतंत्र की सेहत पर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट को सभी दलों के प्रदेश अध्यक्षों को भेजा गया है, ताकि अगले चुनाव में स्वच्छ उम्मीदवार चुने जाएं।


दलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो BJP के 83 विधायकों में 41 (49%) पर गंभीर केस हैं, RJD के 72 में 43 (60%), JD(U) के 47 में 13 (28%), कांग्रेस के 17 में 9 (53%), भाकपा-माले के 11 में 7 (64%), हम के 4 में 1 (25%), माकपा के 2 में 2 (100%), AIMIM के 1 में 1 (100%) और निर्दलीय 2 में 2 (100%) पर गंभीर मामले हैं। ADR का आग्रह है कि सभी दल उम्मीदवार चुनते वक्त उनकी पृष्ठभूमि की गहन जांच करें।


संपत्ति के मोर्चे पर भी बिहार के विधायक 'अमीरों का क्लब' साबित हुए। 241 में से 194 (80%) करोड़पति हैं, जिनकी कुल संपत्ति 1,121.61 करोड़ रुपये है। BJP के 72, RJD के 63, JD(U) के 39, कांग्रेस के 13, हम के 2, भाकपा-माले के 1, माकपा के 1 विधायक करोड़पति हैं। सबसे अमीर विधायक मोकामा से नीलम देवी (अनंत सिंह की पत्नी) हैं, जिनकी संपत्ति 80 करोड़ रुपये है।


दूसरे नंबर पर बेलागंज से मनोरमा देवी (72 करोड़), तीसरे पर भागलपुर से कांग्रेस के अजीत शर्मा (43 करोड़)। दूसरी ओर, सबसे गरीब अलौली से रामवृक्ष सदा हैं, जिनकी कुल संपत्ति सिर्फ 70,000 रुपये है। फुलवारीशरीफ से गोपाल रविदास (1 लाख+) और पालीगंज से संदीप सौरभ (3.45 लाख) भी गरीबी रेखा के करीब हैं।


ये रिपोर्ट बिहार की राजनीति पर सवाल उठाती है, जहां अपराधी मामले और असीमित संपत्ति आम हैं। ADR का कहना है कि वोटरों को जागरूक रहना होगा। उम्मीद है कि 2025 चुनाव में स्वच्छ उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिले। अगर आप बिहार के वोटर हैं तो उम्मीदवारों के हलफनामे चेक करें, लोकतंत्र की असली ताकत यही तो है।