1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 13 Nov 2025 10:44:22 AM IST
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बिहार विधानसभा चुनाव के बीच नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र की मरूई पंचायत के काजीचक गांव से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। वोट देने को लेकर उत्पन्न विवाद ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया। बताया जाता है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने किसी विशेष प्रत्याशी को वोट दिया, जिससे नाराज पार्टी विशेष के समर्थकों ने उसके घर पर चढ़कर जमकर मारपीट की। घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दो अन्य लोगों को भी चोटें आईं।
घटना 11 नवंबर की रात करीब 8:30 बजे की बताई जाती है। इस वारदात का वीडियो अगले दिन यानी 12 नवंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जयकरण यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी रोह थाना क्षेत्र के सुंदरा गांव निवासी स्वर्गीय जगदीश यादव का पुत्र बताया जा रहा है।
बुधवार को नवादा पुलिस ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक प्रेस रिलीज जारी कर इस घटना की पुष्टि की। पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद यह मामला सही पाया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जयकरण यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं — कांड संख्या 253/21 (27 दिसंबर 2021) और कांड संख्या 02/22 (02 जनवरी 2022), दोनों रोह थाना में दर्ज हैं।
घटना का पूरा विवरण
घटना के संबंध में पीड़ित रामोतार यादव, निवासी काजीचक गांव, ने रोह थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज एफआईआर के अनुसार, 11 नवंबर की रात मतदान के बाद वे अपने घर लौटे थे। इसी बीच, आरोपी जयकरण यादव 6-7 अज्ञात लोगों के साथ स्कार्पियो (BR-27P-0184) से उनके घर पहुंचा।
आरोपी और उसके साथियों ने पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब रामोतार ने विरोध किया, तो जयकरण ने लाठी से उनके सिर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान जब उन्हें बचाने के लिए उनके बेटे और पत्नी बीच में आए, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़िता पत्नी के साथ दुर्व्यवहार और अभद्रता की भी शिकायत दर्ज की गई है।
धमकी और डर का माहौल
एफआईआर में रामोतार ने यह भी आरोप लगाया है कि जयकरण यादव एक दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो पहले भी कई बार जेल जा चुका है। उसने घटना के बाद उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
रोह थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। कांड संख्या-385/25 के तहत आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि बाकी अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
नवादा पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि— “घटना की पुष्टि हो चुकी है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपने तरीके से काम करेगा। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”
घटना के बाद काजीचक गांव में तनाव का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के बाद गांव में राजनीतिक मतभेद को लेकर तनाव पहले से था, लेकिन अब यह खुली हिंसा में बदल गया। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
नवादा के काजीचक गांव की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि चुनावी मतभेद कैसे गांवों में व्यक्तिगत दुश्मनी का रूप ले सकते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से फिलहाल माहौल नियंत्रित बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों में अभी भी भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है और कहा है कि अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।