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election promises Bihar : महागठबंधन का घोषणा पत्र इस दिन होगा जारी, इन बातों पर तेजस्वी और राहुल का रहेगा ध्यान

election promises Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन 28 अक्टूबर को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगा। तेजस्वी यादव इसमें हर परिवार को सरकारी नौकरी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं के लिए माई-बहिन योजना जैसे बड़े वादे पेश करेंगे।

election promises Bihar : महागठबंधन का घोषणा पत्र इस दिन होगा जारी, इन बातों पर तेजस्वी और राहुल का रहेगा ध्यान
Tejpratap
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4 मिनट

election promises Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र महागठबंधन ने अपने चुनावी मैनिफेस्टो के ऐलान की तारीख तय कर दी है। जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में चुनावी घोषणा पत्र जारी करेंगे। यह घोषणा पत्र पटना में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक किया जाएगा, जिसमें राजद, कांग्रेस, माले, वीआईपी और हम जैसे सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।


महागठबंधन के नेताओं के अनुसार, इस मैनिफेस्टो में वही वादे प्राथमिकता से रखे गए हैं जिन्हें तेजस्वी यादव ने बीते महीनों में अपने जनसभाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनता से किया है। इनमें सबसे प्रमुख वादा है—“हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी”। यह वादा पहले से ही तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति का केंद्रबिंदु बन चुका है, और अब इसे मैनिफेस्टो में औपचारिक रूप से शामिल किया जा रहा है।


राजद नेताओं ने बताया कि इस घोषणा पत्र में आरक्षण की सीमा बढ़ाने, माई-बहिन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500 देने, जीविका दीदियों को ₹2000 मासिक भत्ता देने, और सामुदायिक समन्वयकों की सेवा स्थायी करने जैसे सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर भी ठोस वादे शामिल किए गए हैं। महागठबंधन का दावा है कि ये वादे राज्य की गरीब, मजदूर, महिला और युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।


इसके अलावा, महागठबंधन ने अपने पिछले चुनावों के दौरान किए गए कुछ पुराने वादों को भी इस बार के घोषणा पत्र में दोहराया है। इनमें प्रमुख हैं — 200 यूनिट मुफ्त बिजली, ₹500 में गैस सिलेंडर, निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, और कृषि ऋण माफी जैसी योजनाएं। इन वादों को लेकर गठबंधन का कहना है कि ये सिर्फ कागज़ी घोषणाएं नहीं होंगी बल्कि सरकार बनने के पहले 100 दिनों के भीतर इन्हें लागू करने का रोडमैप तैयार रहेगा।


कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने इस मैनिफेस्टो में कुछ नए सुझाव भी दिए हैं। इनमें किसानों को इनपुट सब्सिडी देने, पंचायत स्तर पर रोजगार केंद्र खोलने, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट मिशन 2.0, और छोटे व्यवसायियों के लिए बिना गारंटी लोन जैसी योजनाएं शामिल की जा सकती हैं। मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्य ने बताया कि अंतिम ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और अब केवल शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी बाकी है।


महागठबंधन के प्रवक्ता ने बताया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में तैयार यह घोषणा पत्र “विकास, रोज़गार और सामाजिक न्याय” के तीन स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि बिहार को बेरोज़गारी, महंगाई और पलायन जैसी समस्याओं से निकालने के लिए यह मैनिफेस्टो एक रोडमैप की तरह काम करेगा।


राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी और एनडीए की ओर से जारी होने वाले घोषणा पत्र से पहले महागठबंधन का यह कदम एक राजनीतिक संदेश भी है — कि विपक्ष जनता के मुद्दों पर पहले और मजबूती से अपनी बात रख रहा है। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी यादव के इन वादों पर जनता कितना भरोसा करती है और क्या यह मैनिफेस्टो 2025 के बिहार चुनाव का निर्णायक मोड़ साबित होता है या नहीं।

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