1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 12 Nov 2025 10:31:01 AM IST
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Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आए एग्जिट पोल के आंकड़ों ने सूबे की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लगभग डेढ़ दर्जन एजेंसियों ने अपने-अपने सर्वे जारी किए हैं, जिनमें एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता हुआ दिखाया गया है। वहीं, तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरी महागठबंधन (RJD गठबंधन) पिछड़ती नजर आ रही है। कई एजेंसियों के आंकड़ों से यह संकेत मिल रहा है कि इस बार बिहार में सत्ता की बागडोर एक बार फिर से एनडीए के हाथों में जा सकती है।
2020 के विधानसभा चुनाव में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह बदलते दिखाई दे रहे हैं। बीजेपी, जो इस चुनाव में 101 सीटों पर मैदान में है, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू, जो पिछली बार तीसरे स्थान पर रही थी, इस बार मजबूत वापसी करती नजर आ रही है और दूसरे स्थान पर आ सकती है। जबकि राजद, जो पिछले चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी थी, इस बार तीसरे स्थान पर खिसकती दिख रही है।
एग्जिट पोल्स में बीजेपी सबसे आगे
चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर लगभग सात प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने आंकड़े जारी किए हैं। दैनिक भास्कर ने बीजेपी को 72 से 82 सीटें दी हैं। मैट्रिज-आईएएनएस ने 65 से 73 सीटों का अनुमान लगाया है।चाणक्य स्ट्रैटिजिस ने बीजेपी को 70 से 75 सीटों के बीच बताया है। टीआईएफ रिसर्च के अनुसार बीजेपी को 64 से 71 सीटें मिल सकती हैं। पोलस्ट्रेट ने 68 से 72 सीटें, पोल डायरी ने 87 से 95 सीटें, और न्यूज़ 18 ने 55 से 65 सीटें बीजेपी के खाते में जाने की संभावना जताई है। इन सभी सर्वे नतीजों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि बीजेपी इस बार न केवल एनडीए में बल्कि पूरे बिहार में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर सकती है।
राजद की स्थिति कमजोर, तीसरे स्थान की संभावना
महागठबंधन की प्रमुख पार्टी राजद की स्थिति इस बार कमजोर दिखाई दे रही है। दैनिक भास्कर ने राजद को 51 से 63 सीटें दी हैं। मैट्रिज-आईएएनएस ने 53 से 58 सीटें बताई हैं। चाणक्य स्ट्रैटिजिस ने हालांकि राजद को थोड़ा बेहतर आंकड़ा देते हुए 75 से 80 सीटों की संभावना जताई है। वहीं टीआईएफ रिसर्च ने 61 से 73, पोलस्ट्रेट ने 65 से 72, पोल डायरी ने मात्र 20 से 27 और न्यूज़ 18 ने 50 से 60 सीटों की भविष्यवाणी की है।
राजद के लिए यह नतीजे पिछले चुनाव की तुलना में झटका माने जा रहे हैं। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी ने बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाया, लेकिन एग्जिट पोल के अनुसार यह रणनीति मतदाताओं को प्रभावित करने में पूरी तरह सफल नहीं रही।
जदयू की वापसी, नीतीश के लिए राहत के संकेत
इस बार के चुनाव में जदयू ने भी मजबूती से प्रदर्शन किया है। दैनिक भास्कर ने जदयू को 59 से 68 सीटें दी हैं। मैट्रिज-आईएएनएस ने 67 से 75 सीटें बताई हैं। चाणक्य स्ट्रैटिजिस ने 52 से 57 सीटों का अनुमान लगाया है। टीआईएफ रिसर्च ने 64 से 71 सीटें, पोलस्ट्रेट ने 55 से 60, पोल डायरी ने 81 से 89 और न्यूज़ 18 ने 60 से 70 सीटों की भविष्यवाणी की है। इन नतीजों से यह साफ झलकता है कि नीतीश कुमार की पार्टी ने पिछली बार की तुलना में प्रदर्शन सुधारा है और बीजेपी के साथ मिलकर एनडीए को बहुमत की ओर बढ़ाया है।
एनडीए को बहुमत से ज्यादा सीटों का अनुमान
ज्यादातर एजेंसियों के मुताबिक एनडीए को इस बार 140 से 170 सीटों के बीच सफलता मिल सकती है, जबकि महागठबंधन 70 से 100 सीटों पर सिमट सकता है। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा और अन्य छोटे दलों का प्रदर्शन सीमित बताया गया है।
14 नवंबर को खुलेगा असली पिटारा
एग्जिट पोल के ये आंकड़े हालांकि उत्साहजनक हैं, लेकिन अंतिम नतीजे 14 नवंबर को आने हैं, जब मतगणना के बाद वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। तब यह साफ होगा कि क्या एनडीए की यह प्रचंड लहर असल में वोटों में तब्दील हुई या महागठबंधन कोई अप्रत्याशित चमत्कार कर पाएगा।