1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Nov 10, 2025, 12:22:31 PM
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण में मंगलवार 11 नवंबर को मतदान होगा। इस चरण में प्रदेश की 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। मुकाबला इस बार न सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच है, बल्कि असदुद्दीन ओवैसी के लिए भी यह राजनीतिक अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है।
इस चरण की सबसे बड़ी दिलचस्पी सीमांचल के मतदाताओं के रुख को लेकर है। यहां यह देखने वाली बात होगी कि सीमांचल के ‘भाईजान’ किसका साथ देते हैं। एक ओर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन अपनी पिछली जीत को दोहराने की कोशिश में जुटा है, जबकि दूसरी ओर तेजस्वी यादव का महागठबंधन एक बार फिर अपने परंपरागत MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर भरोसा जता रहा है।
वहीं, ओवैसी की AIMIM और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी सीमांचल में बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीमांचल की 24 सीटों की हवा ही इस बार बिहार की सत्ता की दिशा तय करेगी। सीमांचल के चार जिले पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के कुल 24 सीटों वाले इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी सर्वाधिक है।
पिछले विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी AIMIM ने यहां 5 सीटें अमौर, बहादुरगंज, बायसी, जोकीहाट और कोचाधामन जीतकर हलचल मचा दी थी। इनमें से तीन सीटों पर एनडीए प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे। उस चुनाव में AIMIM के प्रभाव से एनडीए को 12 सीटें, जबकि महागठबंधन को 7 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि, चुनाव के बाद ओवैसी के चार विधायक तेजस्वी यादव के महागठबंधन में शामिल हो गए थे। इस बार ओवैसी इसे ‘राजनीतिक बदला’ कहकर फिर से मैदान में उतरे हैं।
चुनाव से पहले AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई थी, लेकिन तेजस्वी यादव ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया। इसके बाद ओवैसी ने सीमांचल की 24 में से 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया।
महागठबंधन की ओर से इस बार कांग्रेस 12 सीटों, राजद 9 सीटों, वीआईपी 2 सीटों और सीपीआई(एमएल) 1 सीट पर मैदान में है। वहीं एनडीए की ओर से बीजेपी 11, जेडीयू 10 और लोजपा (रामविलास) 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सीमांचल की सभी 24 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।