1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 11 Nov 2025 08:08:21 AM IST
बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर शुरू हो गया है। इस चरण में लाखों मतदाता अपनी राय दर्ज करा रहे हैं, जिनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी युवाओं की है। 18 से 29 वर्ष के युवा वोटर इस चुनाव के निर्णायक फैक्टर साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की भागीदारी न केवल चुनावी परिणाम बल्कि बिहार की राजनीति और विकास की दिशा भी तय करेगी।
युवा वोटिंग क्यों करें, इसके कई तथ्यात्मक कारण हैं। सबसे पहली और अहम बात यह है कि वास्तविक बदलाव सोशल मीडिया पोस्ट या बहसों से नहीं, बल्कि वोट डालकर ही आता है। बिहार में कई सीटों पर जीत-हार का अंतर सिर्फ सौ-पचास वोटों का रहा है। ऐसे में हर युवा वोट किसी उम्मीदवार की जीत या हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
दूसरा कारण यह है कि युवाओं को अपना भविष्य खुद तय करना होता है। बिहार की युवा आबादी सबसे बड़ी है और यदि यह वर्ग मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचेगा, तो राजनीतिक फैसले वही पुराने नेताओं और सोच तय करते रहेंगे। मतदान केवल छुट्टी का दिन नहीं है बल्कि लोकतंत्र का सशक्त अवसर है, जब जनता अपनी ताकत का प्रयोग कर सकती है। जो वोट नहीं करता, वह किसी और को अपना भविष्य तय करने का मौका दे देता है।
युवा वोट की भागीदारी से उनके शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे मुद्दे उठते हैं। जब युवा मतदान में सक्रिय होंगे, तो नेता उनकी जरूरतों और समस्याओं पर ध्यान देंगे। पहली बार वोट डालना किसी युवा के लिए जीवन में एक जिम्मेदारी और अनुभव का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दिखाता है कि युवा सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि समाज और लोकतंत्र में बदलाव की कहानी का हिस्सा बन सकते हैं।
इसके अलावा, मजबूत सरकार चुनने में भी युवा वोटरों की अहम भूमिका होती है। युवा भागीदारी से सरकार में ऊर्जा, जवाबदेही और नई सोच आती है। यदि युवा मतदान से दूर रहेंगे, तो फैसले असंतुलित हो सकते हैं। वोटिंग में हिस्सा लेकर युवा अपने अधिकारों और शिकायत करने के हक को भी सुनिश्चित करते हैं।
नई राजनीति और नई दिशा की उम्मीद तभी पनपेगी जब युवा सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सिर्फ सोशल मीडिया पर बहस करना परिवर्तन नहीं लाता; असली बदलाव तब आता है जब युवा मतदान लाइन में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। बिहार को एक जागरूक युवा वोटर बेस की जरूरत है, जो विकास, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सोचकर निर्णय ले।
मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र और समाज को सम्मान देने जैसा कार्य है। जो युवा वोट डालते हैं, वे सिर्फ नागरिक नहीं बल्कि जिम्मेदार नागरिक कहलाते हैं। 11 नवंबर का दिन युवा मतदाताओं के लिए इसी जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक है, जिसे मिस करना भविष्य को मिस करने जैसा होगा।
निर्वाचन आयोग ने मतदान को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है। सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनें, सुरक्षा बल और सुविधाएं उपलब्ध हैं। बूथ स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही, SVEEP अभियान के तहत मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, रैली और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जा रहे हैं।
युवा वोटरों से अपील की गई है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें और लोकतंत्र की ताकत दिखाएं, क्योंकि हर वोट बिहार के भविष्य और लोकतंत्र की दिशा बदलने की क्षमता रखता है।