1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 11 Nov 2025 09:28:50 AM IST
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का प्रचार रविवार शाम 5 बजे थम गया है और साथ ही 24 दिनों तक आसमान में गूंजते हेलीकॉप्टरों की आवाज भी थम गई है। एनडीए, महागठबंधन और अन्य दलों ने सत्ता की जंग में जमीन के साथ आसमान को भी मैदान बना लिया। इस दौरान पटना एयरपोर्ट से रोज औसतन 25 हेलीकॉप्टर उड़ान भरते रहे। जिसमें कुल 72 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं।
ग्लोबल फ्लाइट एविएशन सर्विसेज के अनुसार 16 अक्टूबर से उड़ानों में बेतहाशा इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव प्रचार के लिए अब तक 600 से भी अधिक हेलीकॉप्टर उड़े। एक हेलीकॉप्टर पर रोज GST सहित करीब 12 लाख रुपये खर्च आया है। औसतन हर हेलीकॉप्टर ने 4-5 घंटे उड़ान भरी है। कुल मिलाकर 3000 घंटे से ज्यादा की हवाई यात्रा हुई है।
प्रचार की रफ्तार 16 अक्टूबर के बाद पीक पर पहुंच गई। नेतागण एक-एक दिन में 8-10 रैलियां करने लगे। दूरदराज के इलाकों में हेलीकॉप्टर ही एकमात्र विकल्प था। पूरे समय पटना एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टरों की लाइन लगी रहती थी और ग्राउंड स्टाफ को 24 घंटे अलर्ट रहना पड़ता था।
राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि इस बार हेलीकॉप्टर प्रचार नया ट्रेंड बन गया है। छोटे नेता भी चॉपर बुक कर रहे थे। इस दौरान महागठबंधन और एनडीए ने सबसे ज्यादा उड़ानें भरीं। इधर चुनाव आयोग ने सभी खर्च का रिकॉर्ड रखा है। उम्मीदवारों को वैसे तो 40 लाख की लिमिट है, लेकिन पार्टियां अलग से भी खर्च कर सकती हैं।
आज 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान शुरू है। मतगणना के बाद पता चलेगा कि 72 करोड़ की हवाई यात्रा से असल में किसे फायदा हुआ। फिलहाल आसमान शांत है, लेकिन सियासी गर्मी अभी भी बरकरार है। बिहार की जनता अब 14 नवंबर के नतीजों का इंतजार कर रही है।