1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 09 Nov 2025 10:24:19 AM IST
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Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ। कुल 65.08% वोटिंग के साथ यह चरण कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। सबसे खास बात यह रही कि महिलाओं ने पुरुषों से आठ प्रतिशत अधिक मतदान कर लोकतंत्र की नई तस्वीर पेश की। वहीं, GenZ यानी 18 से 29 वर्ष के नए मतदाताओं ने भी इस बार चुनावी मैदान में अपनी ऊर्जा और सोच का असर दिखाया।
पहले चरण के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं ने 69.04% मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 61.56% रहा। 2020 में महिलाओं की वोटिंग दर 59.69% थी, यानी इस बार लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। यह वृद्धि केवल आंकड़ा नहीं बल्कि इस बात का प्रमाण है कि अब बिहार की महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर लोकतंत्र की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मीनापुर ने बनाया रिकॉर्ड, कुम्हरार रहा सबसे पीछे
मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र में 82.49% महिलाओं ने मतदान किया, जो इस बार का राज्य रिकॉर्ड है। दिलचस्प बात यह है कि मीनापुर में पिछले दो चुनावों से महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसके उलट, पटना के कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र में केवल 39.13% महिलाओं ने वोट किया, जबकि पुरुषों की वोटिंग भी यहां सबसे कम (41.10%) रही। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि शहरी इलाकों में मतदाता उत्साह अब भी ग्रामीण क्षेत्रों से पीछे है।
2010 से अब तक महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी गई है। 2010 में जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत 54.85% था, वहीं 2015 में यह 59.69% और 2025 में बढ़कर 69.04% हो गया। ग्रामीण इलाकों में पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता और शिक्षा का असर इस परिवर्तन में निर्णायक साबित हुआ है। अब महिलाएं “पति या पिता के कहने पर” नहीं, बल्कि अपने विवेक और सामाजिक अनुभव के आधार पर वोट कर रही हैं।
GenZ वोटरों की नई सोच ने बदली चुनाव की हवा
इस बार बिहार में लगभग 1.77 करोड़ GenZ वोटर हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 24 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। यह वही युवा वर्ग है जिसने राजनीति को सोशल मीडिया पर देखा, नेताओं की लाइव बहसें सुनीं और अब ईवीएम पर अपनी राय दर्ज की है।
बेगूसराय, खगड़िया और मधेपुरा जैसे जिलों में GenZ वोटरों की हिस्सेदारी 25% से अधिक है। दूसरी ओर, पटना में यह संख्या केवल 18.45% रही। भले ही शहरी युवाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन उनकी डिजिटल सक्रियता और ऑनलाइन राजनीतिक बहसों ने चुनावी एजेंडा तय करने में अहम भूमिका निभाई है।
दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर बने युवा राजनीति के केंद्र
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दरभंगा जिले में 18-19 वर्ष के सबसे अधिक 62,127 नए मतदाता हैं। मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में भी युवा मतदाताओं की औसत हिस्सेदारी 22-23% रही। इन जिलों में कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों की अधिकता के कारण राजनीतिक संवाद और जागरूकता का स्तर भी ऊंचा है। अब कॉलेज डिबेट, सोशल मीडिया ट्रेंड और कैम्पस चर्चाएं चुनावी माहौल का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से बदला लोकतंत्र का रंग
पहले चरण के नतीजे यह साफ संकेत दे रहे हैं कि अब बिहार का चुनाव केवल राजनीतिक दलों या जातीय समीकरणों तक सीमित नहीं रहा। यह चुनाव महिलाओं और युवाओं के संयुक्त जनादेश का प्रतीक बनता जा रहा है। महिलाओं ने जहां अपने अधिकार को जिम्मेदारी में बदला है, वहीं युवाओं ने पुरानी राजनीतिक सोच और परंपरागत वोट बैंक को चुनौती दी है। बूथों पर यह “दोहरी क्रांति” साफ नजर आई — एक ओर साड़ी में सशक्त महिलाएं लोकतंत्र को दिशा देती दिखीं, तो दूसरी ओर जींस-टीशर्ट पहने युवा सेल्फी लेकर अपने मतदान का गर्व जता रहे थे।
बिहार चुनाव 2025 का यह पहला चरण बता गया कि राज्य में अब “वोट की सोच बदल रही है” — महिलाएं बदलाव की वाहक बन चुकी हैं और युवा उस बदलाव के नेतृत्वकर्ता। यही दो वर्ग मिलकर इस चुनाव को “नई दिशा का चुनाव” बना रहे हैं।