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Bihar Election 2025 : पहली बार BJP कोटे के दो डिप्टी सीएम चुनावी मैदान में, जानिए क्या है पूरी रणनीति

Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा के दो वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पहली बार सीधे विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 16, 2025, 10:56:45 AM

Bihar Election 2025 : पहली बार BJP कोटे के दो डिप्टी सीएम चुनावी मैदान में, जानिए क्या है पूरी रणनीति

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Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा इतिहास रचने जा रही है। पहली बार पार्टी के दो वर्तमान उपमुख्यमंत्री – सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा – विधानसभा चुनाव के मैदान में सीधे उतर रहे हैं। इससे पहले बिहार में भाजपा का कोई भी नेता उपमुख्यमंत्री रहते विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। सम्राट चौधरी तारापुर से और विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि ये दोनों नेता पहले भी चुनावी लड़ाई में शामिल रहे हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला विधानसभा चुनाव होगा।


बता दें कि भाजपा के अब तक बिहार में कुल पांच उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा इस पद पर हैं, जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी भी चुनावी मैदान में हैं। अगस्त 2022 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद भाजपा से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अलग हुए, और वर्तमान उपमुख्यमंत्री लगभग 20 माह तक इस पद पर रहे। इस बार ये दोनों क्रमशः कटिहार और बेतिया से चुनावी मुकाबले में हैं।


भाजपा के सबसे पहले उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बने थे। उन्होंने 2005 से 2013 तक और फिर 2017 से 2020 तक उपमुख्यमंत्री का पद संभाला, लेकिन वे उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कभी विधानसभा चुनाव नहीं लड़े और विधान परिषद के सदस्य रहे।


इस बार चुनावी मैदान में कुल चार उपमुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री शामिल हैं। विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय से बुधवार को नामांकन दाखिल कर दिया है, जबकि सम्राट चौधरी 16 अक्तूबर को तारापुर से नामांकन करेंगे। ये सभी सीटें भाजपा के लिए खास मानी जा रही हैं, और इनके जीत-हार पर सबकी निगाहें रहेंगी।


इस तरह भाजपा के लिए यह चुनाव न सिर्फ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनके नेताओं की लोकप्रियता और पार्टी की मजबूती को भी परखने का मौका है। 2025 के विधानसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्रियों की इस ऐतिहासिक भागीदारी ने बिहार की राजनीतिक फिजा को और गरमा दिया है।