1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 12 Nov 2025 09:04:07 AM IST
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Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दोनों चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है। अब 14 नवंबर को नतीजे आने हैं, जिन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इस बार की सबसे दिलचस्प लड़ाई उन 15 सीटों पर है, जहां या तो खुद बाहुबली या उनके परिवार का कोई सदस्य मैदान में है। इनमें 8 उम्मीदवार NDA से और 8 महागठबंधन से ताल ठोक रहे हैं। इन सीटों में मोकामा, दानापुर, रघुनाथपुर, नवादा, लालगंज, वारिसलीगंज, नबीनगर और बाढ़ जैसी हॉट सीटें शामिल हैं।
दानापुर से बाहुबली रीतलाल यादव RJD के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके सामने BJP के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव हैं। जेल में बंद रीतलाल की बेटी के प्रचार में उतरने और लालू प्रसाद यादव के रोड शो से उन्हें सिंपेथी और यादव-मुस्लिम वोटों का फायदा मिला है। अब मुकाबला कांटे का हो गया है।
कुचायकोट सीट पर JDU के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय बढ़त बनाए हुए हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार हरिनारायण सिंह नए चेहरे हैं। अमरेंद्र की जीत में नीतीश कुमार की योजनाओं और स्थानीय पकड़ का असर दिख रहा है।
मांझी सीट पर बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह (JDU) आगे चल रहे हैं। यहां राजपूत और कुर्मी वोटर उनके साथ हैं, जबकि महागठबंधन के सत्येंद्र यादव एंटी-इनकम्बेंसी का सामना कर रहे हैं।
ब्रह्मपुर सीट पर रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया के मर्डर केस में आरोपी रह चुके हुलास पांडे (LJP-R) को जातीय समीकरणों के कारण नुकसान होता दिख रहा है। यहां RJD के शंभूनाथ यादव बढ़त बनाए हुए हैं।
एकमा सीट पर RJD के मौजूदा विधायक श्रीकांत यादव JDU के बाहुबली मनोरंजन सिंह धूमल पर भारी पड़ रहे हैं। धूमल के खिलाफ 150 से अधिक आपराधिक मामले हैं, जिससे सवर्ण और EBC वोटर उनसे दूर हैं।
रुपौली में त्रिकोणीय मुकाबले के बावजूद RJD की बीमा भारती आगे हैं। उनके खिलाफ निर्दलीय शंकर सिंह हैं। बीमा को गंगोता, यादव और मुस्लिम वोटरों का एकजुट समर्थन मिल रहा है।
तरारी सीट पर BJP के बाहुबली प्रशांत विशाल (सुनील पांडे के बेटे) CPI-ML के मदन चंद्रवंशी पर बढ़त बनाए हुए हैं। भूमिहार वोटबैंक और विकास कार्यों का असर यहां साफ दिख रहा है।
रघुनाथपुर से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब (RJD) आगे हैं। JDU के जीशू सिंह पिछड़ रहे हैं। ओसामा को पिता की छवि और महागठबंधन के संगठित यादव-मुस्लिम वोटों का फायदा हो रहा है।
नवादा में RJD के कौशल यादव और JDU की विभा देवी के बीच करीबी मुकाबला है। इस बार कौशल यादव आगे चल रहे हैं। जन सुराज के डॉ. अनुज की वजह से भूमिहार वोटों में बिखराव हो रहा है।
नबीनगर में JDU के चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे) आगे हैं। राजपूत बहुल क्षेत्र में चेतन को जातीय एकता और नीतीश समर्थन का लाभ मिल रहा है।
वारिसलीगंज में बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी (महागठबंधन) बढ़त में हैं। उनके सामने BJP की अरुणा देवी हैं, जो एंटी-इनकम्बेंसी का सामना कर रही हैं। पिछड़ा वोट अनीता के साथ जुड़ा हुआ है।
लालगंज सीट पर RJD की शिवानी शुक्ला (मुन्ना शुक्ला की बेटी) और BJP के संजय सिंह में मुकाबला है। इस समय संजय सिंह आगे हैं। उनकी साफ छवि और सरकार की योजनाओं का असर वोटरों पर दिख रहा है।
जोकीहाट में तस्लीमुद्दीन के बेटे शाहनवाज आलम (RJD) अपने भाई सरफराज आलम (जन सुराज) पर बढ़त बनाए हुए हैं। RJD-कांग्रेस गठबंधन के कारण शाहनवाज का वोटबैंक मजबूत बना हुआ है।
बाढ़ सीट पर BJP के डॉ. सियाराम सिंह बाहुबली कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया (RJD) पर बढ़त बनाए हुए हैं। यह राजपूत बहुल सीट है और NDA के पक्ष में जातीय ध्रुवीकरण साफ दिख रहा है।
इन सभी 15 सीटों पर बाहुबलियों का दबदबा बरकरार है, लेकिन जनता अब जातीय समीकरण से ज्यादा विकास और छवि पर ध्यान दे रही है। एग्जिट पोल के मुताबिक इनमें से करीब 8 सीटें NDA और 7 महागठबंधन की झोली में जा सकती हैं, हालांकि अंतिम तस्वीर 14 नवंबर को ही साफ होगी।