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सासाराम में कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर जिला जज ने सख्त रुख अपनाते हुए अकोढ़ीगोला थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन 500 कटौती का आदेश दिया है। हत्या केस में साक्ष्य पेश न करने पर यह कार्रवाई की गई।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: सासाराम जिले में कोर्ट के आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए जिला जज-19 डॉ. दिनेश कुमार प्रधान की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक मामले में अकोढ़ीगोला थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन 500 रुपये की कटौती करने का आदेश दिया है। यह राशि राज्यकोष में जमा की जाएगी और जिस दिन अदालत के आदेश का पूर्ण अनुपालन हो जाएगा, उसी दिन से कटौती बंद कर दी जाएगी।


दरअसल, पूरा मामला वर्ष 2023 का है, जब अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के मधुरामपुर गांव में हुई एक हत्या के संबंध में महेन्द्र सिंह ने केस दर्ज कराई थी। इस मामले के दो आरोपियों का ट्रायल जिला जज-19 की अदालत में चल रहा है। अभियोजन पक्ष की मांग पर हत्या में प्रयुक्त कैंची को साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई थी और इसकी सूचना संबंधित थानाध्यक्ष को भी दी गई थी।


इसके बावजूद, कई तारीखें बीत जाने के बाद भी साक्ष्य अदालत में पेश नहीं किया गया। इस लापरवाही पर अदालत ने 2 दिसंबर 2025 को थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में वेतन से प्रतिदिन 500 रुपये की कटौती क्यों न की जाए। बावजूद इसके, थानाध्यक्ष की ओर से न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया गया।


अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बार-बार स्थगन से आरोपियों के शीघ्र न्याय के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होता है। कारण बताओ नोटिस का उत्तर नहीं देना थानाध्यक्ष की गैर-गंभीरता को दर्शाता है, ऐसे में अदालत निष्क्रिय नहीं रह सकती। 


न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सासाराम के कोषागार अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्ष के डीडीओ आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे, अन्यथा वे अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे। इस पूरे मामले से डीआईजी और एसपी को भी अवगत करा दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता