Bihar Vigilance Action: बिहार के वैशाली जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), पटेढ़ी बेलसर की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने इंसेंटिव राशि के भुगतान के बदले 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम पीएचसी के प्रधान सहायक धीरेंद्र कुमार और डाटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को भी अपने साथ ले गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम शुक्रवार सुबह से ही अस्पताल के आसपास सादे लिबास में निगरानी कर रही थी। बताया गया है कि अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र मिश्रौलिया अफजलपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के पद पर कार्यरत जयपाल सिंह ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी तीन महीने से अधिक की इंसेंटिव राशि बकाया है। इसका भुगतान करने के बदले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद द्वारा 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपने स्तर पर मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने की योजना बनाई।
शुक्रवार को सीएचओ जयपाल सिंह कथित तौर पर निगरानी विभाग की ओर से पहले से उपलब्ध कराई गई राशि लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान कार्यालय के बाहर सादे लिबास में तैनात निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. कामिनी प्रसाद को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने पीएचसी के प्रधान सहायक धीरेंद्र कुमार और डाटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को भी हिरासत में लिया और अपने साथ ले गई। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।फिलहाल, गिरफ्तारी के दौरान बरामद की गई राशि के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की आगे की कार्रवाई जारी है।





