Bihar News: बिहार के सिवान जिले में बालू लदे एक बेकाबू ट्रैक्टर के सड़क किनारे स्थित गुमटी में घुस जाने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प व पथराव हुआ, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
यह घटना दरौली थाना क्षेत्र के टोका नारायणपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार, रविवार को तेज रफ्तार बालू लदा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक गुमटी में जा घुसा। हादसे में गुमटी संचालक 70 वर्षीय महेश बिन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और मुआवजे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि 112 पुलिस की टीम की कथित लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। पथराव में एएसआई अभिषेक कुमार और सिपाही चंदन यादव घायल हो गए। साथ ही एक सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया।
घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सिवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका उपचार चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा भी अस्पताल पहुंचे और घायल जवानों का हालचाल जाना।
एसपी पूरण कुमार झा ने बताया कि ट्रैक्टर के गुमटी में घुसने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों की पहचान की जा रही है और वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दुर्घटना और उसके बाद हुई हिंसा, दोनों मामलों की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।





