PATNA: भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट (विशेष निगरानी इकाई) (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। टेंडर घोटाला मामले को लेकर हुई ईडी की छापेमारी में तारिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश सिंह के ठिकानों से करोड़ों रुपये बरामद किया गया था। अब इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन आईएएस संजीव हंस की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पायी है। अब विशेष निगरानी इकाई संजीव हंस की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट (विशेष निगरानी इकाई) (SVU)ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी है। बताया गया कि SVU थाना काण्ड संख्या-05/2025 दिनांक 30.04.2025 के अप्राथमिकी अभियुक्त तारणी दास, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग, मुमुक्षु कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव, वित्त विभाग एवं उमेश कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, बुडको को गिरफ्तार कर लिया गया है, वही प्राथमिकी अभियुक्त संजीव हंस, I.A.S. फरार पाए गए हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की चर्चा की गयी है कि रिशुश्री, Owner of Reliable Infra Services Pvt. Ltd. पिता-विनोद कुमार सिन्हा, फ्लैट नं0-5A कामता राम सखी इन्क्लेव, मीठापुर, खगौल रोड, पटना के विरूद्ध विशेष निगरानी इकाई में काण्ड संख्या-05/2025, दि०-30.04.2025 u/s 7A r/w 8, 9 r/w 10 and 12 of PC Act 1988 (as amended in 2018) r/w 3(2) r/w 6(2) r/w 15 शासकीय गुप्तता अधिनियम 1923 and 61 r/w 318(4) r/w 338 r/w 340(2) of BNS 2023 के अंतर्गत दर्ज है।
अपर पुलिस महानिदेशक, SVU, श्री पंकज कुमार दाराद द्वारा बताया गया कि विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-05/2025, दिनांक-30.04.2025 के अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि इस काण्ड के प्राथमिकी अभियुक्त रिशुश्री के द्वारा अन्य सरकारी पदाधिकारियों मुमुक्षु कुमार चौधरी, तत्कालीन संयुक्त सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना, तारणी दास, तत्कालीन मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग एवं उमेश कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ अपराधिक षडयंत्र कर सरकारी टेंडर को और सरकारी गोपनीयता को अपने पक्ष में करते हुए सरकारी राशि की गबन की गई है।
काण्ड के अनुसंधान में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्त रिशुश्री अपने प्रभाव एवं रिश्वत देकर जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, BMSICL आदि में अपनी कम्पनियों के पक्ष के Tender लेने हेतु सरकारी कर्मियों / पदाधिकारियों को रिश्वत देते थे। रिशुश्री के द्वारा मुमुक्षु कुमार चौधरी, तत्कालीन निदेशक, डी०आर०डी०ए०, सीतामढ़ी को नगर आयुक्त, सीतामढ़ी का अतिरिक्त प्रभार दिलाया गया और मुमुक्षु कुमार चौधरी के सहयोग से शहरी विकास परियोजना का निविदा एवं मुमुक्षु कुमार चौधरी के नगर आयुक्त, नगर निगम सहरसा के पदस्थापन के क्रम में शहरी विकास परियोजना का कई निविदा अपने पक्ष में प्राप्त किया गया, जिसमें मुमुक्षु कुमार चौधरी को रिश्वत दी गई। प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा मुमुक्षु कुमार चौधरी के आवास की तलाशी के क्रम में 02 करोड़ रूपया नगद बरामद किया गया था, जिससे संबंधित काण्ड SVU में दर्ज है।
रिशुश्री के द्वारा इस काण्ड के अनुसंधान के क्रम में अपने बयान में बताया गया कि भवन निर्माण विभाग में उनके द्वारा तारणी दास, तत्कालीन मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग को 3.5 प्रतिशत कमीशन नगद में विपत्रों को पास करने के लिये दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा तारणी दास के आवास की तलाशी के क्रम में 8.5 करोड़ रूपया नगद बरामद किया गया था, जिससे संबंधित काण्ड SVU में दर्ज है। रिशुश्री के द्वारा इस काण्ड के अनुसंधान के क्रम में अपने बयान में बताया गया कि बुडको/नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता, उमेश कुमार सिंह को ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन वर्क एवं अन्य निविदा कार्य में 01 प्रतिशत कमीशन नगद में दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा उमेश कुमार सिंह के आवास की तलाशी के क्रम में 01 करोड़ रूपया नगद बरामद किया गया था, जिससे संबंधित काण्ड SVU में दर्ज है।
अनुसंधान के क्रम में SVU थाना काण्ड संख्या-05/25 में उमेश कुमार सिंह, मुमुक्षु कुमार चौधरी एवं तारणी दास के विरुद्ध छल करने, भ्रष्ट एवं अविधिपूर्ण साधनों से प्रभावित होकर असम्यक लाभ देने, लोक सेवक होने के बावजूद रिश्वत प्राप्त करने, दस्तावेज की कूट रचना एवं हेर-फेर करने के आरोप की पुष्टि हुई है। दिनांक-10.06.2026 को अहले सुबह पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में 04 टीम का गठन कर अभियुक्त संजीव हंस, I.A.S. के आवास एवं कार्यालय तथा उमेश कुमार सिंह, मुमुक्षु कुमार चौधरी एवं तारणी दास के आवास पर छापामारी किया गया तथा उमेश कुमार सिंह, मुमुक्षु कुमार चौधरी एवं तारणी दास को गिरफ्तार किया गया है। संजीव हंस, I.A.S. फरार पाए गए। अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।







