ब्रेकिंग
युवक का शव नहीं मिलने पर पटना में बवाल, नाराज लोगों ने AIIMS गोलंबर को किया जामबिहार में शराबबंदी पर घमासान: मांझी, कुशवाहा और अनंत सिंह की मांग पर आया JDU का दो टूक जवाब, कहा- कानून में छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहींBihar Co Action: एक महिला CO ने किया बड़ा खेल...अवकाश में भी की दाखिल खारिज, DM ने किया खुलासा तब विभाग ने दिया यह दंड सीमांचल में बड़ी साजिश: युवाओं का ब्रेनवॉश कर स्लीपर सेल बनाने का खुलासा, बिहार-बंगाल सीमा को बेस बनाने की कोशिश2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड, तीन बैंक अधिकारी सहित 20 शातिर अरेस्ट; सबसे बड़ी ठगी से हड़कंपयुवक का शव नहीं मिलने पर पटना में बवाल, नाराज लोगों ने AIIMS गोलंबर को किया जामबिहार में शराबबंदी पर घमासान: मांझी, कुशवाहा और अनंत सिंह की मांग पर आया JDU का दो टूक जवाब, कहा- कानून में छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहींBihar Co Action: एक महिला CO ने किया बड़ा खेल...अवकाश में भी की दाखिल खारिज, DM ने किया खुलासा तब विभाग ने दिया यह दंड सीमांचल में बड़ी साजिश: युवाओं का ब्रेनवॉश कर स्लीपर सेल बनाने का खुलासा, बिहार-बंगाल सीमा को बेस बनाने की कोशिश2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड, तीन बैंक अधिकारी सहित 20 शातिर अरेस्ट; सबसे बड़ी ठगी से हड़कंप

2500 करोड़ का साइबर फ्रॉड, तीन बैंक अधिकारी सहित 20 शातिर अरेस्ट; सबसे बड़ी ठगी से हड़कंप

Cyber Fraud: राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ, जिसमें बैंक अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने तीन और गिरफ्तारियां कर कुल 20 आरोपी पकड़े।

Cyber Fraud
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Cyber Fraud: राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस ने हाल ही में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 हो गई है।


राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर के अनुसार, पाधाधरी स्थित यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, जामनगर स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को इस रैकेट में कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है।


जांच में सामने आया है कि मौलिक कामानी ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों को संदिग्ध बैंक खाते खोलने और उन्हें संचालित करने में मदद की। उसने विभिन्न दस्तावेजों के जरिए खातों को सक्रिय रखा, जिससे बड़े लेन-देन के दौरान बैंक अलर्ट सिस्टम को चकमा दिया जा सके। वहीं, कल्पेश डांगरिया पर फर्जी पहचान के जरिए खाते खुलवाने का आरोप है, जबकि अनुराग बाल्धा ने वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर नए खाते खोलने में सहयोग किया।


तीनों आरोपी खातों से नकदी निकालने और उसे हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजने में भी शामिल थे। फिलहाल सभी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं। अब तक पुलिस इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान कर चुकी है और साइबर क्राइम पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं। मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें