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Fake recruitment in Patna Metro: पटना मेट्रो में फर्जी बहाली का खेल, पुलिस की छापेमारी में तीन शातिर अरेस्ट; लाखों की ठगी का खुलासा

Fake recruitment in Patna Metro: पटना मेट्रो फर्जी भर्ती मामले में मीठापुर में छापेमारी की गई। तीन शातिरों को गिरफ्तार किया गया, युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश।

Fake recruitment in Patna Metro
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Fake recruitment in Patna Metro: पटना मेट्रो में तकनीकी अधिकारी और क्लर्क पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर मीठापुर में बुधवार को चल रहे फर्जी इंटरव्यू के मामले में पुलिस ने छापेमारी कर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी के लिए 10 लाख रुपये में सौदा करता था।


जानकारी के अनुसार, गिरोह पहले ऑनलाइन फॉर्म भरवाता था और इसके लिए 1,179 रुपये वसूल करता था। इसके बाद 50-60 हजार रुपये लेकर मीठापुर स्थित फ्लैट में उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता था। अलग-अलग अभ्यर्थियों से अब तक लगभग 8 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। गिरोह के कई सदस्य राज्य के विभिन्न जिलों से अभ्यर्थियों को पटना लाते थे।


पटना सदर-1 के एएसपी ने बताया कि 28 दिसंबर को सूचना मिली थी कि मीठापुर बाइपास पिलर संख्या-88, पीएनबी बिल्डिंग के चौथे तल के फ्लैट संख्या 401 में लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर इंटरव्यू चल रहा है। मौके पर सुपौल के कोसी कॉलोनी निवासी अखिलेश चौधरी, नवादा की बभनवली गली के दिनेश साव और सहरसा के नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया गया।


छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों का साक्षात्कार भी चल रहा पाया और प्रवेश पत्र व अन्य कागजात बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि साक्षात्कार के बाद नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख रुपये में सौदा किया जाता था। इस मामले में जक्कनपुर थाने में केस दर्ज किया गया है।


पुलिस ने यह भी बताया कि पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड दानापुर का अखिलेश यादव है, जो अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एएसपी के अनुसार, नवनीत कुमार और अखिलेश चौधरी इंटरव्यू लेते थे और नवनीत पहले साइबर कैफे चलाता था। गिरोह में कई अन्य सदस्य शामिल हैं, इसलिए तीनों आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेगी।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता