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सीमांचल में NIA की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के बाद युवक को साथ ले गई टीम; क्या है मामला?

NIA Raid in bihar: बिहार के किशनगंज जिले में एनआईए और सुरक्षा एजेंसियों ने जनता हाट इलाके में छापेमारी कर एक युवक को हिरासत में लिया। संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इनपुट के आधार पर कार्रवाई की चर्चा है.

NIA Raid in bihar
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

NIA Raid in bihar: बिहार के सीमांचल क्षेत्र स्थित किशनगंज जिले में शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पोठिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पंचायत अंतर्गत जनता हाट इलाके में भारी सुरक्षा बलों के साथ पहुंची एनआईए टीम ने स्थानीय निवासी मनोज रविदास के घर पर छापेमारी की। इस दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया।


सूत्रों के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई में एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान भी शामिल थे। सुरक्षा बलों ने मनोज रविदास, पिता लखन रविदास, के घर की गहन तलाशी ली और दस्तावेजों, मोबाइल उपकरणों व अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की। कार्रवाई के बाद टीम मनोज रविदास को अपने साथ लेकर चली गई। हालांकि, उसे किस आधार पर हिरासत में लिया गया है, इसको लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह अचानक भारी संख्या में सुरक्षा बलों के पहुंचने से गांव में अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया। सुरक्षा एजेंसियों ने घर के आसपास किसी भी व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं दी और पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई।


ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि जांच एजेंसियों को कुछ संदिग्ध कॉल रिकॉर्डिंग और संचार से जुड़े इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि, इस संबंध में किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एनआईए आमतौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में ही इस तरह की कार्रवाई करती है।


जानकारी के मुताबिक, मनोज रविदास जनता हाट में चप्पल की दुकान चलाता है, जबकि उसके पिता खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार के सदस्यों ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और उन्हें इस कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।


छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। कई घंटों तक गांव में चर्चाओं और अटकलों का दौर चलता रहा, लेकिन किसी के पास कोई ठोस जानकारी नहीं थी। फिलहाल एनआईए और स्थानीय प्रशासन की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी बड़े नेटवर्क या संवेदनशील इनपुट से जुड़ी हो सकती है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता