ब्रेकिंग
दरभंगा एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटाबिहार की सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, गडकरी से मिले सम्राट चौधरीएक विवाह ऐसा भी: फेसबुक-इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी, अलीशा ने जोगेंद्र संग लिए सात फेरे'May I Help You' बना मजाक! जमुई स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सोते मिले पुलिसकर्मी, वंदे भारत के गुजरने के बाद भी नहीं खुली नींद 'थानेदार' के सिर पर किस अफसर का था हाथ ? मोतिहारी पुलिस के मुट्ठी भर अधिकारियों ने वर्दी को बनाया दागदार ! 35 लाख की 'फिरौती' वसूली में जांच की आंच कहां तक जाएगी...दरभंगा एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटाबिहार की सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, गडकरी से मिले सम्राट चौधरीएक विवाह ऐसा भी: फेसबुक-इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी, अलीशा ने जोगेंद्र संग लिए सात फेरे'May I Help You' बना मजाक! जमुई स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सोते मिले पुलिसकर्मी, वंदे भारत के गुजरने के बाद भी नहीं खुली नींद 'थानेदार' के सिर पर किस अफसर का था हाथ ? मोतिहारी पुलिस के मुट्ठी भर अधिकारियों ने वर्दी को बनाया दागदार ! 35 लाख की 'फिरौती' वसूली में जांच की आंच कहां तक जाएगी...

नक्सलियों के खिलाफ मिली बड़ी सफलता, 5-5 KG के 4 केन बम को सुरक्षाबलों ने किया डिफ्यूज

DESK: सुरक्षाबलों की सफलता से जुड़ी खबर झारखंड के चतरा से आ रही है जहां नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया इस दौरान जंगल से 5-5

नक्सलियों के खिलाफ मिली बड़ी सफलता, 5-5 KG के 4 केन बम को सुरक्षाबलों ने किया डिफ्यूज
Santosh Singh
1 मिनट

DESK: सुरक्षाबलों की सफलता से जुड़ी खबर झारखंड के चतरा से आ रही है जहां नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया इस दौरान जंगल से 5-5 किलो के 4 केन बम बरामद किया गया। जिसे सुरक्षाबलों ने डिफ्यूज कर दिया। 



नक्सल विरोधी अभियान पर निकली पुलिस और CRPF-190 बटालियन की संयुक्त टीम को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। कुंदा थाना क्षेत्र के खपिया-मदारपुर जंगल में छिपाकर रखे गए पांच-पांच किलों के चार केन बम बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने केन बम को जंगल में ही डिफ्यूज कर दिया। बताया जाता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे और इसलिए बमों को छिपाकर जंगल में रखा गया था। बरामद बम को ब्लास्ट कर डिफ्यूज किया गया जिसकी धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई पड़ी।