1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 14 Jan 2026 07:35:49 AM IST
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Bihar News: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मुजफ्फरपुर जिले के तत्कालीन उत्पाद अधीक्षक, एक डीएसपी, थानाध्यक्ष और एक दारोगा के खिलाफ केस दर्ज की है। यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के तहत जब्त वाहन की नीलामी कर दी थी।
एफआईआर के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी निवासी सुशील कुमार सिंह की स्कॉर्पियो गाड़ी वर्ष 2020 में सकरा थाना द्वारा जब्त की गई थी। वाहन से पांच बोतल विदेशी शराब की बरामदगी दर्शाई गई थी। बाद में मामले से मुक्त होने पर पीड़ित ने विशेष न्यायालय में गाड़ी को मुक्त कराने के लिए याचिका दायर की, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने सकरा थाना प्रभारी को वाहन छोड़ने का आदेश दिया।
आदेश के बावजूद थाना प्रभारी ने टालमटोल करते हुए पीड़ित को डीएसपी पूर्वी मुजफ्फरपुर के पास भेज दिया। डीएसपी ने भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित ने दोबारा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
काफी समय बाद थानाध्यक्ष ने न्यायालय को बताया कि मार्च 2023 में स्कॉर्पियो को राज्यसात कर नीलाम कर दिया गया है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर पीड़ित ने उत्पाद विभाग में अपील और रिवीजन याचिकाएं दाखिल कीं, लेकिन दोनों ही खारिज कर दी गईं। इसके बाद पीड़ित ने हाईकोर्ट में पुनः सीडब्ल्यूजेसी दायर की।
मामले की सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए आर्थिक अपराध इकाई को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।