Bihar Crime News: दबंगों के डर से गांव छोड़कर दर-दर भटकने को विवश हुआ परिवार, SSP कार्यालय के लगा रहा चक्कर

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में दबंगों की धमकी और मारपीट से भयभीत एक परिवार अपना गांव छोड़कर दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। हत्या मामले में केस वापस लेने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद पीड़ित परिवार न्याय के लिए एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहा

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Mar 06, 2026, 2:35:04 PM

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Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर जिले में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि एक बेबस परिवार अपना पुश्तैनी गांव छोड़कर दर-दर भटकने को मजबूर है। मामला जिले के तुर्की थाना क्षेत्र के दरियापुर कफेन पंचायत स्थित पाकड़पुर गांव का है। यहाँ एक पीड़ित परिवार दबंगों के डर से इस कदर सहमा हुआ है कि वह अब घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। न्याय के लिए यह परिवार थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक के चक्कर काट रहा है।


दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ करीब दो साल पुरानी है। पीड़ित परिवार के अनुसार, मामूली कहासुनी को लेकर उनके 18 वर्षीय बेटे गोलू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तुर्की थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि तभी से आरोपी पक्ष लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और समझौता न करने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था।


खौफ का ताजा मंजर बीते दिन देखने को मिला, जब पीड़ित महिला के अनुसार करीब 50 की संख्या में दबंगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि घर में जमकर तोड़फोड़ भी की। विरोध करने पर गृहस्वामी अरुण कुमार के साथ बर्बरता से मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पत्नी सिंधु देवी को भी नहीं बख्शा गया और उन पर भी हमला किया गया। दबंगों की दबंगई यहीं नहीं रुकी; उन्होंने अरुण कुमार की बाइक छीन ली और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।


घटना के बाद परिवार इतना दहशत में था कि उन्होंने खुद को घर में कैद कर लिया। अंततः जान बचाने के लिए वे गांव छोड़कर भाग निकले और सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ितों की हालत देख वहां मौजूद अधिकारी भी दंग रह गए। दहशत का आलम यह था कि परिवार एसएसपी कार्यालय से बाहर जाने को भी तैयार नहीं था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी डीएसपी अनिमेष चंद्र ज्ञानी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। डीएसपी ने स्वीकार किया कि पूर्व में हुई हत्या के केस को वापस लेने के लिए मारपीट की यह घटना हुई है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। हालांकि, स्थानीय थानेदार के हवाले से उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई है और दोनों ओर से लोग घायल हैं। डीएसपी ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


इस घटना ने मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस को पता था कि दोनों पक्षों के बीच हत्या जैसा गंभीर मामला लंबित है, तो आरोपियों की गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी गई? एक परिवार का भय के कारण गांव छोड़ना प्रशासन के इकबाल पर बड़ा तमाचा है। अब देखना यह है कि आश्वासन के बाद पुलिस आरोपियों पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करती है।