1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 18 Jan 2026 03:03:49 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Crime News: मुंगेर जिले में एक एलआईसी एजेंट द्वारा सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी एजेंट फरार हो गया। बाद में उसके घर लौटने की सूचना मिलते ही आक्रोशित लोगों ने उसके घर को घेर लिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
मामला मुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत माधोपुर मोहल्ला का है। यहां का निवासी मगन कुमार एलआईसी एजेंट के रूप में काम करता था और म्यूचुअल फंड व निवेश के नाम पर लोगों से पैसे जमा करता था। उसने आसपास के सैकड़ों लोगों का बीमा कराया और एक निजी, अघोषित बैंक की तरह रकम जमा करनी शुरू कर दी। वह निवेशकों को हर महीने दो प्रतिशत ब्याज देने का लालच देता था।
लालच में आकर किसी ने दो लाख, किसी ने पांच लाख तो किसी ने बीस लाख रुपये तक मगन के पास जमा कर दिए। भरोसा जीतने के लिए वह स्टांप पेपर पर लिखित समझौता और चेक भी देता था, जिससे धीरे-धीरे और लोग उसके जाल में फंसते चले गए।
जब लोगों को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने अपनी जमा राशि वापस मांगनी शुरू की, तो मगन टालमटोल करने लगा। करीब दो साल से वह लोगों को बहलाकर पैसे नहीं लौटा रहा था। तीन महीने पहले मामला थाने तक भी पहुंचा था, जहां उसने लिखित रूप से रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद वह मुंगेर छोड़कर फरार हो गया।
इसी बीच बीमा कराने वाले लोग जब एलआईसी कार्यालय पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कई पॉलिसियों का प्रीमियम जमा ही नहीं किया गया था, जबकि प्रीमियम के नाम पर उनसे पैसे वसूले गए थे। इस खुलासे के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि मगन अपने घर लौटा है, बड़ी संख्या में पीड़ित उसके घर पहुंच गए और पैसे की मांग करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मगन लोगों से और समय मांगता रहा, लेकिन आक्रोशित भीड़ मानने को तैयार नहीं थी।
आरोपी मगन का कहना है कि उसने लोगों का पैसा जमीन में निवेश किया था और ऊंचे ब्याज पर उधार दिया था, लेकिन जमीन का सौदा फेल हो गया और कर्जदारों ने भी रकम नहीं लौटाई। इसी वजह से वह करीब दो करोड़ रुपये का देनदार हो गया है।
मामले की सूचना मिलते ही वासुदेवपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से निकालकर थाना ले गई। हालांकि पीड़ितों की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई। आपसी समझौते के तहत मगन को समय देकर पैसा लौटाने पर सहमति बनी, जिसके बाद पुलिस ने बॉन्ड भरवाकर उसे छोड़ दिया।