बिहार में बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा: Whatsapp और QR कोड के जरिए चल रहा था घिनौना खेल, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से बुलाई जाती थीं लड़कियां

बिहार के मोतिहारी में संचालित एक संगठित देह व्यापार गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। व्हाट्सऐप और QR कोड के जरिए सौदा तय कर दिल्ली समेत अन्य राज्यों से लड़कियां बुलाई जाती थीं। मुख्य आरोपी सहित चार महिलाओं को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 25 Feb 2026 04:20:31 PM IST

Bihar Crime News

- फ़ोटो Reporter

Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने एक बड़े संगठित देह व्यापार गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना समेत चार महिलाओं को पकड़ा है। यह कार्रवाई छतौनी थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।


जानकारी के अनुसार, मोतिहारी पुलिस को सूचना मिली थी कि छतौनी थाना क्षेत्र में संगठित सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए एक टीम गठित की गई और पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस जांच में सामने आया कि नंदलाल नामक व्यक्ति इस रैकेट का संचालन कर रहा था।


वह ग्राहकों को व्हाट्सऐप के जरिए लड़कियों की तस्वीरें भेजकर पसंद करवाता था। पसंद होने के बाद भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से लिया जाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली और अन्य राज्यों से भी लड़कियां बुलाने की व्यवस्था की जाती थी।


पुलिस ने सिपाही को सिविल ड्रेस में ग्राहक बनाकर नंदलाल के पास भेजा। आरोपी ने व्हाट्सऐप पर कई लड़कियों की तस्वीरें दिखाईं और सौदे की बात की। इसके बाद पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नंदलाल ने बताया कि सभी महिलाएं अलग-अलग स्थानों पर रहती थीं। 


फोन पर सौदा तय होने के बाद उन्हें ग्राहक के बताए पते पर भेजा जाता था। उसके निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर चार महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ में महिलाओं ने भी इस धंधे में शामिल होने की बात स्वीकार की है। 


मुख्य आरोपी ने खुलासा किया कि वह पिछले सात-आठ महीनों से इस रैकेट का संचालन कर रहा था। उसने बताया कि एक टीवी कार्यक्रम देखकर उसे इस तरह से काम करने का विचार आया। एक ही स्थान पर धंधा चलाने के बजाय वह ग्राहकों के घर पर महिलाओं को भेजता था, जिससे अधिक कमाई होती थी और पकड़े जाने का खतरा कम रहता था। 


एएसपी हेमंत सिंह ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी