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बिहार में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, रेलवे स्टेशन से 21 आदिवासी बच्चों का रेस्क्यू

मोतिहारी बापूधाम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन ने संयुक्त कार्रवाई कर 21 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। बच्चों को पढ़ाई के नाम पर भागलपुर ले जाया जा रहा था, जबकि पुलिस धर्म परिवर्तन और मानव तस्करी के एंगल से जांच कर रही है।

Bihar Crime News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी स्थित बापूधाम रेलवे स्टेशन के पास आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। इस दौरान बच्चों को ले जा रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। 


मामले में आरपीएफ ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के नाम पर मोतिहारी लाया गया था। सभी बच्चों को शहर के चांदमारी स्थित एक होटल में रखा गया था और वहां से उन्हें भागलपुर ले जाने की तैयारी थी। 


पुलिस के अनुसार, बच्चों को ले जा रहा व्यक्ति फोनसिस क्रिसपोटा रांची का रहने वाला है। हालांकि वह बच्चों को भागलपुर ले जाने के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चे आदिवासी समाज से संबंध रखते हैं। हैरानी की बात यह है कि किसी भी बच्चे के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला। ऐसे में सभी बच्चों को फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।


जीआरपी प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को ट्रेन के माध्यम से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।


पुलिस को आशंका है कि आदिवासी समाज से आने वाले इन नाबालिग बच्चों को धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से भागलपुर ले जाया जा रहा था। इस एंगल से भी जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास से कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला और वह संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सका।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता