ब्रेकिंग
तेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहतेजस्वी पर रोहित कुमार सिंह का बड़ा हमला, बोले- यूरोप में पार्टी के लिए नई जमीन तलाश रहे नेता प्रतिपक्षविक्रमशिला सेतु पर आज रात 10 बजे से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, दूसरे दिन भी नहीं चलेंगी गाड़ियां; क्यों लिया गया बड़ा फैसला?JDU Bihar की नई प्रदेश कमिटी की घोषणा: 38 महासचिव, 9 प्रवक्ता, 12 उपाध्यक्ष, ललन सर्राफ बने कोषाध्यक्ष, देखिये पूरी लिस्ट..बिहार में इंटरनेशनल बॉर्डर से बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, नेपाल भागने की कर रहा था कोशिश; पुलिस और SSB की कार्रवाईराहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजह

उत्पाद विभाग का ट्रेजरी अफसर शराब के नशे में गिरफ्तार, नशेड़ी अधिकारी को मिला VIP ट्रीटमेंट, बिना हथकड़ी लगाये लाया गया कोर्ट

KISHANGANJ: बिहार में 8 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिस विभाग को है वहां के अधिकारी ही इस कानून को ठेंगा दिखाने का काम कर रहे हैं।

उत्पाद विभाग का ट्रेजरी अफसर शराब के नशे में गिरफ्तार, नशेड़ी अधिकारी को मिला VIP ट्रीटमेंट, बिना हथकड़ी लगाये लाया गया कोर्ट
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KISHANGANJ: बिहार में 8 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इस कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी जिस विभाग को है वहां के अधिकारी ही इस कानून को ठेंगा दिखाने का काम कर रहे हैं। यू कहे कि शराबबंदी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 


हम बात किशनगंज की कर रहे हैं जहां उत्पाद विभाग के ट्रेजरी अफसर नरेंद्र कुमार को शराब के नशे में आवास से गिरफ्तार किया गया और जब ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई तब शराबी पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उत्पाद विभाग ने ट्रेजरी अफसर को बिना हथकड़ी लगाये कोर्ट लाया गया। गिरफ्तारी के बाद कोषागार पदाधिकारी को किसी वीआईपी की तरह ट्रीट किया गया। 


जहां आम लोग जब शराब पीते पकड़े जाते हैं तो उनकी हाथों में हथकड़ी लगायी जाती है और हथकड़ी में ही उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए लाया जाया है लेकिन शायद यह नियम कानून ट्रेजरी अफसर पर लागू नहीं होता। यही नहीं कोर्ट ले जाने के दौरान उन्हें भवन निर्माण विभाग के चेंबर में बिठाया गया। जहां नशेड़ी ट्रेजरी अफसर चेंबर में बैठकर मोबाइल पर बात करते रहे और चेम्बर के बाहर उत्पाद विभाग के कर्मी खड़े रहे जो नशेड़ी पदाधिकारी के आवाभगत में लगे हुए थे। चेम्बर में आराम फरमा रहे नशेड़ी पदाधिकारी को फिर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया।  

टैग्स