JAMUI: जमुई जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सीडीपीओ के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक सिल्वर रंग की स्विफ्ट डिजायर कार (HP 62/2297) से 17 बियर केन बरामद करते हुए पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गिरोह में दो नाबालिग भी शामिल पाए गए हैं, दो नो नाबालिगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान साव टोला निवासी राजीव उर्फ राजू कुमार (19), अभिषेक कुमार (19), धर्मेंद्र कुमार (22), रिशु कुमार (22) और रूपेश कुमार पांडेय (21) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पत्नेश्वर चौक के समीप एसडीपीओ सतीश सुमन के नेतृत्व में चल रही सघन वाहन जांच के दौरान की गई। थानाध्यक्ष शेखर सौरभ, एसआई पंकज कुमार और एएसआई सुनील कुमार की टीम ने संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन कार सवारों ने भागने की कोशिश की। तत्पश्चात घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया।
कार की तलाशी लेने पर डिक्की में रखे काले पिट्ठू बैग से 17 बियर केन बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर लिया और सभी आरोपियों के खिलाफ मध निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड राजीव उर्फ राजू कुमार है, जो लंबे समय से शराब तस्करी में सक्रिय रहा है। वह पहले मलयपुर क्षेत्र में किराना दुकान और तेल मिल की आड़ में शराब का भंडारण करता था और ऑनलाइन ऑर्डर लेकर सप्लाई करता था। पूर्व में पुलिस द्वारा छापेमारी भी की गई थी, लेकिन समय रहते वह फरार हो गया था।
सूत्रों के मुताबिक, राजीव ने हाल के दिनों में नाबालिग बच्चों को इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया था। झारखंड के जसीडीह से शराब मंगवाकर इन्हीं बच्चों के जरिए डिलीवरी करवाई जाती थी। प्रत्येक डिलीवरी पर उन्हें 200 से 300 रुपये तक दिए जाते थे, जबकि झारखंड से शराब की खेप लाने पर करीब 2000 रुपये एक डिलीवरी का मिलता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से राजीव ने काफी संपत्ति अर्जित की है और कई नाबालिक और पढ़ने लिखने वाले युवाओं को भी पैसे और सुनहरे सपने दिखाकर इस धंधे में झोंक दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।



