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बिहार में 15 जून के आसपास दस्तक देगा मानसून!, कम बारिश की आशंका से किसानों की बढ़ी चिंता

बिहार में मानसून 15 जून के आसपास पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश और एलनीनो के संभावित प्रभाव की चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के कई जिलों में फिलहाल भीषण गर्मी और लू का असर जारी है।

बिहार न्यूज
भीषण गर्मी और लू की चपेट में कई जिले
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

Bihar Monsoon Date: बिहार में मानसून 15 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने सामान्य से कम बारिश और एलनीनो के संभावित प्रभाव को लेकर चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल राज्य के कई जिले भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।


भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे बिहारवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश कर सकता है। हालांकि, इस बार मानसून को लेकर एक नई चिंता भी सामने आई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बिहार में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जिसका सीधा असर कृषि और किसानों पर पड़ सकता है।


4 जून को केरल पहुंचेगा मानसून

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून को केरल तट पर पहुंचने की संभावना है। यह अपने सामान्य समय से करीब चार दिन की देरी से आ रहा है। केरल पहुंचने के बाद मानसून तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी की ओर आगे बढ़ेगा। इसकी गति और दिशा का आकलन करने के बाद मौसम विभाग 8 जून के बाद बिहार के लिए नया पूर्वानुमान जारी करेगा।


बिहार में कब पहुंचेगा मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार में मानसून के 15 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है। सामान्य तौर पर भी राज्य में इसी अवधि के दौरान मानसून प्रवेश करता है। यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो जून के दूसरे सप्ताह के अंत तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है और कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।


गर्मी और लू से बेहाल लोग

फिलहाल बिहार के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जून तक हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। हाल ही में रोहतास जिले में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं, राज्य के 13 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। चिलचिलाती धूप और और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी और लू से लोग काफी परेशान हैं। इससे बचने के लिए एसी और कुलर चला रहे हैं और भरपूर मात्रा में पानी पी रहे हैं। 


सीमांचल में राहत, जारी है बारिश

जहां एक ओर राज्य के अधिकांश हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं सीमांचल के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया और अररिया समेत कई जिलों में पिछले एक महीने से रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी है। इसके कारण इन इलाकों में तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है।


एलनीनो का खतरा बढ़ा सकता है परेशानी

मौसम वैज्ञानिकों ने इस वर्ष एलनीनो के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मौसम रिपोर्टों में "सुपर एलनीनो" जैसी स्थिति बनने की आशंका व्यक्त की गई है। यदि ऐसा होता है, तो बिहार में मानसून कमजोर पड़ सकता है और सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जून और जुलाई के दौरान स्थिति सामान्य दिखाई दे सकती है, लेकिन अगस्त और सितंबर में वर्षा की कमी देखने को मिल सकती है। इससे कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बढ़ जाएगा।


खेती पर पड़ सकता है असर

कम बारिश की स्थिति में धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए डॉ. आनंद शंकर ने किसानों को अभी से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान सिंचाई के वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था समय रहते कर लें। ट्यूबवेल, बोरिंग और जल संचयन की पर्याप्त व्यवस्था फसलों को संभावित नुकसान से बचाने में मददगार साबित हो सकती है।


इस बार अलग हो सकता है मानसून का पैटर्न

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून का पैटर्न पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अलग रह सकता है। बिहार की अपेक्षा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अपडेट और चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की आवश्यकता है। अभी 13 दिन और लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिलने वाली है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से बचने की लोग कोशिश करें।  


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