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साइबर फ्रॉड के खिलाफ CBI ने शुरू किया ऑपरेशन चक्र, बिहार के फर्जी सिम से देशभर में ठगी का खुलासा

Bihar Cyber Crime: सीबीआई ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल फर्जी सिम नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन चक्र-5 शुरू किया है, जिसमें बिहार समेत 8 राज्यों में जांच और कार्रवाई जारी है।

Bihar Crime News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Cyber Crime: CBI ने साइबर क्राइम के लिए फर्जी तरीके से सिम कार्ड की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत “ऑपरेशन चक्र-5” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल सिम के नेटवर्क को तोड़ना है।


इस विशेष अभियान के तहत बिहार, असम, राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड समेत आठ राज्यों में कार्रवाई की जा रही है। वैशाली जिले के कई सिम विक्रेता सीबीआई की जांच के दायरे में हैं, जबकि चार लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।


जांच में सामने आया है कि बिहार में बड़े पैमाने पर फर्जी सिम कार्ड के जरिए सिम बॉक्स डिवाइस संचालित किए जा रहे हैं। इस तकनीक से अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल कॉल में बदलकर साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है। सुपौल और समस्तीपुर सहित कई जिलों में ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।


सीबीआई को जानकारी मिली है कि वैशाली क्षेत्र के कई सिम विक्रेता फर्जी नाम और पते पर सिम बेचने में शामिल हैं। एजेंटों और डीलरों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, जो बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड के लिए सिम उपलब्ध कराते हैं।


इसके अलावा, इन फर्जी सिम का इस्तेमाल म्यूल बैंक खातों को संचालित करने में भी किया जा रहा है। फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए खातों में साइबर फ्रॉड की रकम जमा कर उसे निकाला जाता है। ऐसे मामलों में कुछ बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में असम और बिहार के सिम विक्रेताओं से जुड़े कई मामलों में जांच तेज की गई है। इससे पहले आर्थिक अपराध इकाई ने वैशाली के महुआ इलाके से चार सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया था।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता