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बिहार में अवैध हथियारों पर शिकंजा: STF की रडार पर 250 आर्म्स स्मगलर, डिजिटल ट्रैकिंग शुरू

Bihar STF action: बिहार में अवैध हथियारों के खिलाफ STF ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 250 हथियार तस्कर रडार पर हैं और डिजिटल निगरानी के जरिए सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी है।

Bihar Crime News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar STF action: बिहार में बढ़ते अपराध और अवैध हथियारों की सप्लाई पर लगाम लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। एसटीएफ के आर्म्स सेल ने पूरे राज्य में सक्रिय 250 बड़े हथियार सप्लायरों और तस्करों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की है, जिसमें 10 कुख्यात तस्कर भी शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अवैध हथियारों की पूरी सप्लाई चेन को खत्म करना है।


डीआईजी संजय कुमार की निगरानी में चल रही इस कार्रवाई में मिनी गन फैक्ट्रियों और देसी हथियार बनाने वाले नेटवर्क पर खास फोकस किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार में होने वाले करीब 90 फीसदी अपराधों में स्थानीय स्तर पर बनी देसी पिस्टल का इस्तेमाल होता है। इसी कारण अब हथियार बनाने वाले नेटवर्क को भी निशाने पर लिया गया है।


जांच में यह भी सामने आया है कि पिस्टल भले ही बिहार में बनती हो, लेकिन कारतूस बाहरी राज्यों से मंगाए जाते हैं। कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड से कारतूसों की तस्करी कर उन्हें बिहार पहुंचाया जाता है। एसटीएफ अब इन राज्यों तक फैले नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि हथियारों के साथ-साथ गोला-बारूद की आपूर्ति भी रोकी जा सके।


हालांकि, कई मामलों में पुलिस जांच की कमजोरियों के कारण आरोपियों को राहत मिल जाती है। मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र में पकड़ी गई मिनी गन फैक्ट्री इसका उदाहरण है, जहां मुख्य आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई क्योंकि समय पर मजबूत केस डायरी और पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके। जब्ती प्रक्रिया में कानूनी नियमों की अनदेखी भी पुलिस पर भारी पड़ी।


अब एसटीएफ ने डिजिटल निगरानी को और तेज कर दिया है। सूची में शामिल सभी तस्करों की मोबाइल लोकेशन, संपर्क और गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही हर जिले की पुलिस पुराने हथियार तस्करों और गन फैक्ट्री से जुड़े लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस पूरे अभियान का लक्ष्य बिहार में अपराध की रीढ़ माने जा रहे अवैध हथियार नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि अपराध दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता