ब्रेकिंग
खगड़िया में बाइक सवार बदमाशों ने पिता-पुत्र को मारी गोली, प्लाई दुकान बंद कर घर लौट रहे थे दोनों✦मधुबनी में बस से कुचलकर 5 साल के मासूम की मौत, जयपुर से छठ मनाने गांव लौट रहा था परिवार✦भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्र के नाम पर बनेगा पुस्तकालय, पुण्यतिथि के मौके पर राज्य सरकार ने लिया फैसला✦अनिल अंबानी ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 510 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 2 चार्टर्ड विमान और 6 प्लॉट भी जब्त✦मोतिहारी में वेतन घोटाला : मदरसा शिक्षक को किसने किया DEO कार्यालय में प्रतिनियुक्त ? तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम और घोटालेबाज टीचर में था गहरा संबंध....✦खगड़िया में बाइक सवार बदमाशों ने पिता-पुत्र को मारी गोली, प्लाई दुकान बंद कर घर लौट रहे थे दोनों✦मधुबनी में बस से कुचलकर 5 साल के मासूम की मौत, जयपुर से छठ मनाने गांव लौट रहा था परिवार✦भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्र के नाम पर बनेगा पुस्तकालय, पुण्यतिथि के मौके पर राज्य सरकार ने लिया फैसला✦अनिल अंबानी ग्रुप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 510 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 2 चार्टर्ड विमान और 6 प्लॉट भी जब्त✦मोतिहारी में वेतन घोटाला : मदरसा शिक्षक को किसने किया DEO कार्यालय में प्रतिनियुक्त ? तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम और घोटालेबाज टीचर में था गहरा संबंध....

बिहार : निगरानी के हत्थे चढ़ा घूसखोर असिस्टेंट इंजीनियर, नो ड्यूज सर्टिफिकेट के एवज में ले रहा था नजराना

AURANGABAD : खबर औरंगाबाद से आ रही है, जहां निगरानी की टीम ने एक असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। नो ड्यूज सर्टिफिकेट देने के एवज में आरोपी असिस्टेंट

बिहार : निगरानी के हत्थे चढ़ा घूसखोर असिस्टेंट इंजीनियर, नो ड्यूज सर्टिफिकेट के एवज में ले रहा था नजराना
Mukesh Srivastava
2 मिनट

AURANGABAD : खबर औरंगाबाद से आ रही है, जहां निगरानी की टीम ने एक असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। नो ड्यूज सर्टिफिकेट देने के एवज में आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर 40 हजार रुपए घूस ले रहा था इसी दौरान निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद निगरानी की टीम उसे अपने साथ लेकर चली गई, पूछताछ के बाद उसे निगरानी की अदालत में पेश किया जाएगा।


दरअसल, बक्सर एलएइओ के कनीय अभियंता और रोहतास निवासी विनय कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में औरंगाबाद स्थित क्षेत्र अभियंत्रण संगठन,  कार्य प्रमंडल के सहायक अभियंता सीताराम सहनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ही विभाग के सहायक अभियंता सीताराम सहनी औरंगाबाद से तबादले के बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट देने के लिए 50 हजार की रिश्वत मांग रहे हैं। निगरानी ने जांच में मामले को सत्य पाया। इसके बाद टीम का गठन किया गया।


निगरानी के डीएसपी अरूण पासवान के नेतृत्व में टीम पटना से औरंगाबाद पहुंची और जाल बिछाकर आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इंजीनियर नो ड्यूज सर्टिफिकेट देने के एवज में 40 हजार रुपए रिश्वत ले रहा था। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम रिश्वतखोर सहायक अभियंता को अपने साथ पटना लेकर चली गई। निगरानी की इस कार्रवाई के बाद विभाग के अन्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है।

रिपोर्टिंग
A

रिपोर्टर

AKASH KUMAR

FirstBihar संवाददाता