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मोतिहारी में वेतन घोटाला : मदरसा शिक्षक को किसने किया DEO कार्यालय में प्रतिनियुक्त ? तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम और घोटालेबाज टीचर में था गहरा संबंध....

Bihar Education: मोतिहारी शिक्षा विभाग में 60.57 लाख रुपये के वेतन घोटाले का खुलासा. तीन लिपिक सस्पेंड, मदरसा शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर पर केस. तत्कालीन DPO स्थापना साहेब आलम की भूमिका पर सवाल

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आरोपी मदरसा शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर
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Viveka Nand
5 मिनट

Bihar Education: शिक्षा विभाग के मोतिहारी कार्यालय में हुए बड़े घोटाले से हड़कंप मच गया है. शुरूआती जांच में 60 लाख रू के अधिक का वेतन घोटाला सामने आया है. हालांकि यह घोटाला करोड़ों में पहुंचने की पूरी संभावना है. जिस शख्स ने सरकारी खजाने से राशि निकलवाई, वो सिस्टम का ही पार्ट था. शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधिकारी ने ही मदरसा शिक्षक को जिला शिक्षा कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया था. 

मदरसा शिक्षक के खाते में 2024 से ही भेजी जाती रही राशि 

मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी की तरफ से बताया गया है कि एचआरएमएस प्रणाली से किए गए वेतन भुगतान की जांच की गई. जिसमें पाया गया कि इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त कर्मी इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब मदरसा शिक्षक है. मदरसा शिक्षक ने स्वयं एवं पत्नी के नाम पर अवैध तरीके से जून 2024 से ही खाते में वेतन लेता रहा. वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर अमन कुमार द्वारा स्वयं एवं मां के बैंक खाते में एचआरएम से छेड़छाड़ कर माह जून 2024 से सितंबर 2026 तक 60 लाख 57 हजार एक सौ अंठावन रू की अवैध निकासी की है. इस कृत्य के लिए इन दोनों के खिलाफ नगर थाने में केस दर्ज कराया गया है. 

मदरसा शिक्षक को किस अधिकारी ने डीईओ कार्यालय में किया प्रतिनियुक्त ?

सवाल यहीं से खड़ा होता है कि,मदरसा शिक्षक का डीईओ कार्यालय में क्या काम ? उनकी तैनाती तो मदरसा में थी, फिर जिला शिक्षा कार्यालय में कैसे काम कर सकता है? बताया गया कि उक्त मदरसा शिक्षक को जिला शिक्षा कार्यालय मोतिहारी (स्थापना शाखा में प्रतिनियुक्त किया गया था. तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने मदरसा शिक्षक इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब को प्रतिनियुक्त किया था. बताया जाता है कि उस समय साहेब आलम बतौर डीपीओ (स्थापना) कार्यरत्त थे. मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी मदरसा शिक्षक और तत्कालीन डीपीओ (स्थापना) साहेब आलम के बीच गहरा संबंध था. इन्हीं के कार्यकाल के दौरान 2024 से मदरसा शिक्षक  ने स्वयं और पत्नी के नाम पर सरकारी खजाने से राशि लेने लगा. 


निलंबित तीनों लिपिकों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई होगी

क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक तिरहुत ने 31 अक्टूबर को पत्र जारी किया है. जिसमें उल्लेख किया गया है कि, मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 30 अक्टूबर को पत्र भेजा. जिसमें उल्लेख किया गया है कि एचआरएमएस पोर्टल पर वेतन भुगतान प्रणाली से अवैध तरीके से 5 बैंक खाते जोड़कर 60 लाख 57 हजार रू की अवैध निकासी की गई। मेकर-चेकर के आईडी का दुरूपयोग किया गया. इस आलोक में डीईओ कार्यालय मोतिहारी के लिपिक विनय प्रसाद, राजीव रंजन कुमार और मिथिलेश कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की गई.  जिला शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के बाद आरडीडीई मुजफ्फरपुर ने तीनों लिपिक को सस्पेंड कर दिया है. क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक तिरहुत ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्वी चंपारण संबंधिक लिपिकों के खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई करेंगे. इसे सुनिश्चित करने को कहा गया है. 

 मेकर-टेकर सस्पेंड पर एप्रुवर पर कब होगी कार्रवाई  

जिला शिक्षा पदाधिकारी मोतिहारी ने ही इस बड़े घोटाले का खुलासा किया है. डीईओ ने आरोपियों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया. साथ ही मेकर-चेकर की भूमिका में रहे तीन लिपिकों के खिलाफ आरडीडीई को रिपोर्ट किया. इसके बाद तीनों को सस्पेंड कर दिया गया है. हालांकि मेकर-चेकर तो सस्पेंड हो गए पर एप्रुवर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. अप्रुवर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) होते हैं. प्रतिनियुक्त कर्मी इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब एवं पत्नी और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन कुमार एवं मां का वेतन आईडी किसके आदेश से बना? उस समय (2024) में कौन डीपीओ एप्रुवर थे ? वो पूर्णरूपेण शक के दायरे में हैं.


तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम की भूमिका संदिग्ध 

बता दें, वेतन निकासी की अनुमति एप्रुवर देते हैं. यानि डीपीओ (स्थापना) एप्रुवर की भूमिका में होते हैं. जून 2024 से अवैध तरीके से वेतन निकासी का खेल शुरू हुआ है. उस समय डीपीओ (स्थापना) के पद पर साहेब आलम काबिज थे. बताया जाता है कि साहेब आलम की आरोपी मदरसा शिक्षक जिस पर अवैध निकासी के आरोप हैं, उससे गहरा संबंध था. उनके कार्यकाल में ही इमादुद्दीन शाबिर की जिला शिक्षा कार्यालय मोतिहारी में प्रतिनियुक्ति हुई थी. 

बता दें, मोतिहारी के तत्कालीन डीपीओ (स्थापना) साहेब वर्तमान में जिला शिक्षा पदाधिकारी अररिया के पद पर पदस्थापित हैं. अब देखना होगा ,जांच की आंच कहां तक पहुंचती है. जिम्मेदार एप्रुवर (डीपीओ स्थापना) पर कब कार्रवाई होती है? 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता