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Bihar News: बिहार के एक SDO का खेल बेनकाब, DCLR की कुर्सी पर बैठकर 21 केसों में जारी किया मनमाना आदेश...अब मिली सजा

कटिहार सदर के तत्कालीन एसडीओ आलोक चंद्र चौधरी पर विभागीय कार्रवाई में दोष सिद्ध हुआ। डीसीएलआर की शक्तियों का उपयोग कर 21 नामांतरण मामलों में अनियमित तरीके से आदेश पारित किया.

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AI से सांकेतिक तस्वीर
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी ने गजब का खेल किया. डीसीएलआर का दैनिक कार्य निबटारे का जिम्मा संभाल रहे अनुमंडल पदाधिकारी ने आनन-फानन में 21 केसों में मनमाना आदेश पारित कर दिया. जबकि यह शक्ति उनके पास नहीं थी. अनुमंडल पदाधिकारी ने एक दिन में, एक ही केस का दो ऑर्डर पारित किया. कमिश्नर ने जब मामले की जांच की तो एसडीओ का भांडा फूट गया. मामला कटिहार सदर अनुमंडल के तत्कालीन एसडीओ आलोक चंद्र चौधरी से जुड़ा है. 

पूर्णिया प्रमंडल के कमिश्नर ने 28 अगस्त 2024 को भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय कटिहार सदर का निरीक्षण किया था. भूमि सुधार समाहर्ता कटिहार के अवकाश अवधि में तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी आलोक चंद्र चौधरी दैनिक प्रभार में थे. कमिश्नर की शुरूआती जांच में पाया गय़ा कि डीसीएलआर की अवकाश अवधि में एसडीओ ने 10 से 12 दाखिल खारिज वादों की सुनवाई कर आदेश पारित किया है. जबकि यह शक्ति अनुमंडल पदाधिकारी के पास नहीं थी.

पूर्णिया कमिश्नर ने कटिहार के जिलाधिकारी को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए. जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता कटिहार से मामले की समीक्षा कराई. समीक्षा के बाद कटिहार के अपर समाहर्ता ने 6 मार्च 2025 को रिपोर्ट दिया. जिसमें बताया गय़ा कि , अनुमंडल पदाधिकारी ने आदेश पारित करने क्रम में विहित प्रक्रिया का पालन नहीं किया. भूमि सुधार उप समाहर्ता कटिहार सदर के अवकाश अवधि में दाखिल खारिज केस पारित सभी 21 नामांतरण अपील वादों की सुनवाई, पूर्व से निर्धारित तिथि से पहले ही कर ली गई. सुनवाई कर आदेश भी पारित कर दिया गया. एक ही मामले में एक ही तिथि में दो आदेश पारित किए गए . कई मामलों में कोर्ट डायरी एवं अभिलेखों में पक्षकार की उपस्थिति दर्ज करने में अनियमितता पाई गई.

कटिहार के जिलाधिकारी की रिपोर्ट में कटिहार सदर के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी आलोक चंद्र चौधरी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोपी एसडीओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की.विभागीय कार्यवाही में एसडीओ को दोषी पाया गया. अब सामान्य प्रशासन विभाग ने दंड का निर्धारण किया है . कटिहार सदर अुमंडल के तत्कालीन एसडीओ आलोक चंद्र चौधरी के एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड लगाया गया है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता