Bihar News: मोतिहारी में विदेशी करेंसी छापने वाले गिरोह का खुलासा, बिहार और नेपाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

Bihar News: मोतिहारी के पकौड़ा गांव में नेपाल–भारत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाली जाली करेंसी छापने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। प्रिंटर, कंप्यूटर और नकली नोट बरामद, नेटवर्क की जांच जारी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 05 Jan 2026 11:31:44 AM IST

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: मोतिहारी के मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पकौड़ा गांव में नेपाली जाली करेंसी छापने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। नेपाल पुलिस से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर नेपाल पुलिस और मोतिहारी पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बंद कमरे से नेपाली जाली नोट, प्रिंटर, कंप्यूटर, काग़ज़ के बंडल सहित कई अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए हैं।


हालांकि इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई भी अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से परहेज़ कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नेपाल पुलिस ने पहले नेपाल में जाली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। पूछताछ के दौरान गिरोह के एक सदस्य ने खुलासा किया कि रवि श्रीवास्तव नामक युवक मोतिहारी के मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र के पकौड़ा गांव में किराए के मकान में रहकर नेपाली जाली करेंसी छापने का काम कर रहा है। 


इस इनपुट के बाद नेपाल पुलिस ने मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात से संपर्क साधा और संयुक्त कार्रवाई की रणनीति बनाई गई। एसपी के निर्देश पर सदर डीएसपी दिलीप कुमार, सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे, मुफ़स्सिल थाना प्रभारी अंबेश कुमार सहित कई थानों की पुलिस टीम नेपाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। 


छापेमारी के दौरान एक बंद कमरे से नेपाली करेंसी छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, कंप्यूटर सिस्टम, काग़ज़ के बंडल और अन्य उपकरण बरामद किए गए, जो जाली नोट छापने की ओर स्पष्ट इशारा करते हैं।छापेमारी के बाद नेपाल पुलिस बरामद सामान और संदिग्धों को अपने कब्ज़े में लेकर नेपाल के लिए रवाना हो गई। 


वहीं मोतिहारी पुलिस अब पकड़े गए युवक रवि श्रीवास्तव से जुड़े नेटवर्क की गहनता से जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी केवल नेपाली करेंसी ही छापता था या भारतीय जाली नोट भी छापने में संलिप्त था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि जाली नोटों की सप्लाई किन-किन माध्यमों से और किन इलाकों में की जाती थी।


बता दें कि मोतिहारी में पहली बार नेपाली जाली करेंसी छापने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े मामले के सामने आने के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी