ब्रेकिंग
मोतिहारी में वेतन घोटाला : मदरसा शिक्षक को किसने किया DEO कार्यालय में प्रतिनियुक्त ? तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम और घोटालेबाज टीचर में था गहरा संबंध....✦मधुबनी में महिलाओं ने डीएम आनंद शर्मा का कॉलर पकड़ा, पुलिस फायरिंग में एक की मौत के बाद भड़का लोगों का गुस्सा✦गया में 7 हजार रुपये घूस लेते दो सरकारी अमीन गिरफ्तार, निगरानी ने दोनों को रंगे हाथ दबोचा✦अनंत सिंह की बेटी की शादी में जुटेंगे बड़े सितारे! 10 बीघे में पंडाल, थार-बाइक और स्कूटी जीतने का मौका✦नदियों की गाद से बिहार में बनेंगी सड़कें, सीएम सम्राट चौधरी और नितिन गडकरी की मौजूदगी में MoU✦मोतिहारी में वेतन घोटाला : मदरसा शिक्षक को किसने किया DEO कार्यालय में प्रतिनियुक्त ? तत्कालीन डीपीओ साहेब आलम और घोटालेबाज टीचर में था गहरा संबंध....✦मधुबनी में महिलाओं ने डीएम आनंद शर्मा का कॉलर पकड़ा, पुलिस फायरिंग में एक की मौत के बाद भड़का लोगों का गुस्सा✦गया में 7 हजार रुपये घूस लेते दो सरकारी अमीन गिरफ्तार, निगरानी ने दोनों को रंगे हाथ दबोचा✦अनंत सिंह की बेटी की शादी में जुटेंगे बड़े सितारे! 10 बीघे में पंडाल, थार-बाइक और स्कूटी जीतने का मौका✦नदियों की गाद से बिहार में बनेंगी सड़कें, सीएम सम्राट चौधरी और नितिन गडकरी की मौजूदगी में MoU

बिहार: निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ग्राम कचहरी सचिव को घूस लेते किया गिरफ्तार

BHOJPUR : भ्रष्टाचार पर रोकथाम को लेकर सरकार काफी सतर्क है. यही वजह है कि निगरानी विभाग को जब भी कहीं से घूसखोरी या फिर भ्रष्टाचार की सूचना मिलती है तो तो उस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रव

बिहार: निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ग्राम कचहरी सचिव को घूस लेते किया गिरफ्तार
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
1 मिनट

BHOJPUR : भ्रष्टाचार पर रोकथाम को लेकर सरकार काफी सतर्क है. यही वजह है कि निगरानी विभाग को जब भी कहीं से घूसखोरी या फिर भ्रष्टाचार की सूचना मिलती है तो तो उस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाती है. इसी कड़ी में अब एक ताजा मामला बिहार के पूर्णिया से जुड़ा हुआ है। जहां निगरानी विभाग द्वारा राजस्व कर्मचारी घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.


मिली जानकारी के अनुसार 10 हजार रिश्वत लेते निगरानी विभाग ने एक कर्मचारी को किया गिरफ्तार किया है. भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत हेतमपुर ग्राम कचहरी के न्याय सचिव मंतोष कुमार राम को निगरानी की टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. 


दाखिल खारिज के नाम पर कर्मचारी मांग रहा था 10 हजार रुपए, न्याय सचिव होने के साथ साथ जगदीशपुर अंचल कार्यालय में भी आना जाना रहता है.