1st Bihar Published by: Ranjan Kumar Updated Jan 03, 2026, 1:45:23 PM
- फ़ोटो Reporter
Bihar Crime News: बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी को सफल बनाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन कैमूर जिले में उत्पाद विभाग की घोर लापरवाही से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना धूमिल हो रही है। ताजा मामला मोहनिया स्थित समेकित जांच चौकी का है, जहां उत्तर प्रदेश बॉर्डर से सटे होने के कारण शराब तस्करी आम है।
31 दिसंबर की मध्यरात्रि में उत्पाद विभाग ने दो शराब पीने वाले और तीन तस्करों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें हिमांशु कुमार, चुनमुन कुमार, एक नाबालिग, गुलाब सिंह और छोटू सिंह शामिल हैं। इन्हें अस्थाई हाजत में बंद किया गया, जहां 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात रहते हैं और सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं।
फिर भी, आरोपियों ने पीछे की खिड़की तोड़कर आसानी से फरार हो गए। सुबह पुलिस को पता चला, तब मोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर औपचारिकता पूरी की गई। चेक पोस्ट प्रभारी गुंजेश कुमार ने स्वीकार किया कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद फरारी हो गई।
बता दें कि यह पहला मामला नहीं है पहले भी भभुआ और मोहनिया चेकपोस्ट के हाजत से कैदी ग्रिल तोड़कर भाग चुके हैं। विभाग की ऐसी बार-बार की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं कि जवाबदेही किसकी होगी? शराबबंदी अभियान को मजबूत बनाने की बजाय ऐसे मामले तस्करों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे सरकार की मंशा पर ग्रहण लग रहा है।