मानवता शर्मसार: अस्पताल के शौचालय में बहाया नवजात बच्ची की लाश, सिर फंसने पर टॉयलेट का सीट तोड़कर निकाला गया बाहर

Bihar News: मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना बिहार के जमुई सदर अस्पताल की है। जहां बेटी के जन्म के बाद उसे शौचालय में बहा दिया गया। जिसके कारण बच्ची की जान चली गयी। बच्ची को जान से मारने के उद्धेश्य से उसके सिर को शौचालय में घुसा दिया गया था।

1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Feb 05, 2025, 8:23:03 PM

BIHAR POLICE

नवजात का शव बरामद - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के जमुई सदर अस्पताल में एक नवजात बच्ची को शौचालय में डालकर किसी ने उसकी जान ली। नवजात बच्ची की सिर को टॉयलेट के सीट के अंदर बड़ी बेरहमी पूर्वक डाला गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। जब अस्पताल का सफाई कर्मी टॉयलेट साफ करने पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गया। फिर पदाधिकारियों को इसकी सूचना दी गयी। जिसके बाद 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नवजात के शव को बाहर निकाला गया। 


टॉयलेट के अंदर फंसे सिर को निकालने के लिए टॉयलेट सीट को उखाड़ना पड़ गया। मामला बुधवार की सुबह करीब 5:00 बजे की है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने स्थित टॉयलेट में पानी भर गया था। स्वीपर संजय जब पानी निकालने पहुंचा तो उसे टॉयलेट सीट में पानी में डूबे दो पैर नजर आया। जिसके बाद उसने अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। पहले स्वीपर ने पैरों को पकड़कर ही नवजात को बाहर खींचने की कोशिश की। 


जब इससे काम नहीं हुआ तो खंती की मदद से बाहर खींचा गया लेकिन इसके बाद भी शव नहीं निकला तो फिर टॉयलेट सीट से पानी बाहर निकल गया। पानी निकालने के बाद दोनों हाथों से कई बार शव को बाहर खींचा। इसी दौरान नवजात का सिर टॉयलेट के अंदर फंसा रहा गया जबकि बॉडी हाथ में आ गया। फिर सिर को निकालने के लिए पूरी सीट को उखाड़ पड़ गया। इसमें तीन घंटे का समय लग गया। स्वीपर ने सर और बॉडी को प्लास्टिक बैग में पैक करके अस्पताल के ही डस्टबिन में फेंक दिया। 


इसके बाद उसने वहां मौजूद अस्पताल कर्मियों से पूछा कि इसे बाहर फेंक दें। जिस पर उसे रुकने  का इशारा किया गया। अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की जानकारी टाउन थाने की पुलिस को दी । इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आगे की कार्रवाई शुरू की। टाउन थाना अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीअस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। रात में जितनी भी डिलीवरी हुई है सभी की जांच की जा रही है। वही सिविल सर्जन अमित किशोर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारी में लगा हूं। मुझे नवजात के शव मिलने की जानकारी नहीं है।