Bihar Crime News: बिहार-झारखंड की सीमा पर स्थित जमुई जिले में शराब माफिया तस्करी के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसका चौंकाने वाला खुलासा सोनो थाना क्षेत्र के डुमरी चेकपोस्ट पर हुआ है। घरों की छतों पर पानी सप्लाई करने वाली टंकियों में शराब छिपाकर तस्करी की जा रही थी। उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के दौरान महिंद्रा बोलेरो पिकअप से 589.5 लीटर विदेशी शराब बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने तस्करी के इस अनोखे तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि शराब तस्कर विभाग और पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। कभी डीजल-पेट्रोल की टंकी, कभी शौचालय की सफाई वाली टंकी, तो कभी सब्जियों और अन्य सामानों की आड़ में शराब की ढुलाई की जाती है। इस बार तस्करों ने पानी की टंकियों को ही शराब छिपाने का माध्यम बना लिया था।
तस्करों ने महिंद्रा बोलेरो पिकअप पर शराब से भरी पानी की टंकियां लोड की थीं। इनके ऊपर कुछ खाली टंकियां भी रख दी गई थीं, ताकि वाहन को देखने पर किसी को शक नहीं हो। लेकिन डुमरी चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की सघन जांच के दौरान उनकी चालाकी काम नहीं आई। जांच में टंकियों के भीतर छिपाई गई शराब की बड़ी खेप बरामद हो गई।
उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने स्वीकार किया कि इससे पहले भी दो बार इसी तरीके से झारखंड से शराब लेकर खगड़िया पहुंचा चुके थे। दोनों बार तस्करी सफल रही थी। तीसरी बार भी उसी रास्ते और तरीके से शराब की खेप लेकर जा रहे थे, लेकिन इस बार उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बरामद शराब में ब्लैक टाइगर और ओल्ड हैबिट ब्रांड की व्हिस्की शामिल है। कुल 996 बोतलों में 589.5 लीटर विदेशी शराब मिली है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान झारखंड के कोडरमा जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र के बछेडीह निवासी रंजीव कुमार दास और विश्वेश्वर सिंह के रूप में हुई है। दोनों से उत्पाद थाने में पूछताछ की जा रही है। उत्पाद विभाग तस्करी के नेटवर्क और शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगा है।





