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बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म

Bihar News: बिहार में सरकारी टेंडरों की निगरानी के लिए EOU की 5 सदस्यीय टीम गठित की गई है. गड़बड़ी और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की तैयारी सरकार ने की है.

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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar News: सरकारी महकमों में होने वाले सभी तरह के टेंडर (निविदा) प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) करेगी। इसके लिए ईओयू में एसपी के मार्गदर्शन में एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम सभी टेंडर प्रक्रियाओं की समुचित जांच करेगी। यह जानकारी ईओयू के एसपी पंकज कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। 


उन्होंने कहा कि कई विभागों में होने वाले विभिन्न तरह के टेंडरों में गड़बड़ी की शिकायत लगातार ईओयू को मिल रही थी। इसके मद्देनजर जांच एजेंसी ने इस टीम का गठन किया है। पहली बार ईओयू में सरकारी टेंडर की मॉनीटरिंग को लेकर इस तरह की व्यवस्था की है।


एसपी ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े मामले में 17 जिलों में जांच चल रही है। जांच में यह पाया गया कि खनन सॉफ्टवेयर में टेंडर समेत अन्य प्रक्रियाओं में ओटीपी प्रमाणीकरण के प्रावधान को अनदेखा करते हुए कई कंपनियों को गलत तरीके से मान्यता दे दी गई है। इस तरह से गड़बड़ी कर 325 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। अवैध बालू खनन से जुड़े सभी जिलों में 62 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच भी ईओयू कर रहा है।


पंकज कुमार ने कहा कि इस वर्ष जनवरी से मार्च तक दो लोगों की अवैध संपत्ति जब्ती से जुड़े 21 करोड़ रुपये के मामले ईडी को ट्रांसफर किए गए हैं। ताकि इन पर पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मॉनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत उचित कार्रवाई हो सके। दोनों मामले प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में आवामी लीग एवं वैशाली सहकारिता बैंक में 101 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़े मामले की जांच चल रही है। इसके मुख्य अभियुक्तों में शामिल बीएसएनएल कर्मी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले तीन आरोपियों सैयद शाहनबाज, शौकत अली और रजनीकांत को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस वर्ष जनवरी में बैंक और डाक विभाग से जुड़े एक मामले में 12 वर्ष से फरार चल रहे अभियुक्त तत्कालीन सब-पोस्टमास्टर चंद्रशेखर सिंह को गिरफ्तार किया गया है।


एसपी ने बताया कि फर्जी ई-वे बिल की बदौलत झारखंड से कोयला लाकर यहां अवैध तरीके से बेचने के मामले के अभियुक्त संतोष कुमार को हाल में सीवान से गिरफ्तार किया गया है। फर्जी ई-वे बिल की बदौलत इसने 35 लाख रुपये के राजस्व की चोरी की है। उन्होंने हाल में आय से अधिक संपत्ति मामले में ऊर्जा विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ उनके वास्तविक आय से 66.62 फीसदी अधिक का डीए (आय से अधिक संपत्ति) का केस दर्ज किया गया है। इनसे जुड़े सात ठिकानों पर सघन छापेमारी की गई है। इसमें दर्जनों जमीन के दस्तावेज, जेवरात समेत अन्य चीजें बरामद की गई हैं। नेपाल में भी जमीन की खरीद से जुड़े कागजात मिले हैं। इसकी जांच चल रही है।


एसपी पंकज कुमार ने बताया कि ईओयू की परीक्षा शाखा ने कुछ दिनों पहले एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के स्तर से आयोजित होने वाली परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक करने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया था। अभियुक्त सरफराज उर्फ जन्नत भईया एक यू-ट्यूब चैनल बना रखा था और उस पर सरकारी स्कूलों की कक्षा 3 से 8 तक का प्रश्न-पत्र हल करके डालता था। इसके ऐवज में वे लोगों से पैसे यूपीआई के जरिए लेता था। इसके लिए पहल लोगों को अपने चैनल का सदस्य बनाता था। फिर उनसे पैसे लेकर यह गोरखधंधा करता था।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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