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बिहार STF का बड़ा एक्शन: झारखंड में रिश्तेदार के घर छिपे दो कुख्यात नक्सली गिरफ्तार

Bihar News: बिहार एसटीएफ ने झारखंड के गिरिडीह में दो कुख्यात नक्सलियों को धर दबोचा है। पंकज यादव और पवन सिंह, जो भाकपा माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य हैं, का लंबा अपराध इतिहास और हिंसक गतिविधियाँ इस गिरफ्तारी को राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों के लिए

बिहार STF का बड़ा एक्शन: झारखंड में रिश्तेदार के घर छिपे दो कुख्यात नक्सली गिरफ्तार
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar News: बिहार एसटीएफ ने एक बड़े नक्सली नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात नक्सलियों को झारखंड के गिरिडीह जिले से गिरफ्तार किया है। यह ऑपरेशन पटना एसटीएफ और बेंगाबाद पुलिस के संयुक्त प्रयास से किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमुई निवासी पंकज यादव और कोडरमा निवासी पवन सिंह के रूप में हुई है। दोनों नक्सली भाकपा माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य माने जाते हैं और उनके खिलाफ बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।


अपराधियों का लंबा इतिहास

पंकज यादव और पवन सिंह का नक्सली गतिविधियों में लंबा और हिंसक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ जमुई, चकाई, चरकापत्थर और चंद्रदीप थाने में कई मामले दर्ज हैं। इनके आतंक का दायरा झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी ब्लॉक और कोडरमा के सतगांवा थाना क्षेत्र तक फैला हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ये दोनों कई हिंसक नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं और स्थानीय स्तर पर भय का माहौल बनाए रखते थे।


हाल ही में ये दोनों चरकापत्थर इलाके में जेल से बेल पर बाहर आए लखन यादव पर जानलेवा हमला कर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद बिहार एसटीएफ और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुट गई थीं। अब उनकी गिरफ्तारी ने नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है और इससे भविष्य में होने वाले हमलों की संभावना कम हो सकती है।


गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

बिहार एसटीएफ को खुफिया इनपुट मिला था कि जमुई कांड के मुख्य आरोपियों में से दो नक्सली मझलाटोल गांव (बेंगाबाद) में अपने किसी रिश्तेदार के घर छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर अयोध्या प्रसाद के नेतृत्व में गिरिडीह पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर रणनीतिक घेराबंदी की गई, ताकि आरोपियों को भागने का कोई मौका न मिले। इस घेराबंदी के दौरान पंकज यादव और पवन सिंह को धर दबोचा गया।


संयुक्त ऑपरेशन की सफलता

इस कार्रवाई को गिरिडीह एसपी बिमल कुमार के निर्देश पर अंजाम दिया गया। बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मिलकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया। गिरफ्तारी के बाद दोनों नक्सलियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बिहार पुलिस अपने साथ ले गई। पुलिस अब उनके ठिकानों और सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है ताकि अन्य नक्सली नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया जा सके।


नक्सली गतिविधियों पर लगाम

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी न केवल बिहार बल्कि झारखंड में भी नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। पकड़े गए आरोपियों के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि उनके साथियों और आपराधिक साजिशों का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस सफलता से नक्सलियों में भय का माहौल पैदा होगा और भविष्य में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की उनकी योजना को रोका जा सकेगा।


स्थानीय पुलिस और एसटीएफ का तालमेल

इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस और बिहार एसटीएफ के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। गुप्त सूचना के आधार पर रणनीतिक घेराबंदी और समय पर कार्रवाई ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों को पकड़ने में खुफिया नेटवर्क और स्थानीय सहयोग की अहम भूमिका रही।