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Bihar Crime News: 17 धुर जमीन के लिए 70 वर्षीय की निर्मम हत्या, भाई-भतीजा फरार

Bihar Crime News: भागलपुर के रंगरा प्रखंड में 17 धुर जमीन विवाद में 70 वर्षीय कमलेश्वरी यादव की हत्या कर दी गई है। भाई और भतीजे पर धारदार हथियार से हमले का लगा है आरोप। पुलिस पर लापरवाही का इल्जाम, छापेमारी जारी।

Bihar Crime News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में जमीन विवाद ने एक बार फिर से खूनी रूप ले लिया है। रंगरा प्रखंड के जहांगीरपुर बैसी गांव में महज 17 धुर जमीन को लेकर हुए विवाद में 70 वर्षीय कमलेश्वरी यादव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात में मृतक के भाई और भतीजे पर हत्या का आरोप लगा है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।


यह घटना जहांगीरपुर बैसी गांव की है, जहां 17 धुर जमीन पर बने दो मंजिला मकान को लेकर कमलेश्वरी यादव और उनके चाचा अम्बिका यादव के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक के बेटे हरीस कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 में जमीन और मकान का बंटवारा हो चुका था, जिसमें मकान उनके परिवार के हिस्से में आया था। लेकिन चाचा अम्बिका यादव बंटवारे को मानने को तैयार नहीं थे, जिसके चलते दोनों पक्षों में तनाव बना रहता था।


हरीस के अनुसार दो दिन पहले भी जमीन विवाद को लेकर अम्बिका यादव, उनके बेटे गौरव यादव और पत्नी नीतू देवी ने कमलेश्वरी यादव के बेटे सचिन यादव और बेटी को मारपीट कर घायल कर दिया था। इस घटना की शिकायत रंगरा थाने में दी गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।


मृतक के बेटे ने बताया है कि चाचा और उनके बेटे लगातार परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। डर के कारण कमलेश्वरी यादव बुधवार की रात पड़ोस में सोने गए थे। गुरुवार सुबह जब वह घर लौटे, तभी अम्बिका यादव और गौरव यादव ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। कमलेश्वरी के सिर पर गहरे घाव लगे और उनकी चीख सुनकर उनकी बेटी जुली कुमारी बाहर निकली। उसने दोनों आरोपियों को घर से भागते देखा।


गंभीर रूप से घायल कमलेश्वरी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रंगरा थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और ग्रामीणों में आक्रोश है।


साथ ही मृतक के परिवार ने रंगरा थाने की पुलिस पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। हरीस कुमार का कहना है कि दो दिन पहले मारपीट की घटना के बाद पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि अगर पुलिस ने समय रहते कदम उठाया होता तो शायद यह हत्याकांड टल सकता था।