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बिहार में एक DSP पर गिरी गाज, केस सुरविजन में एकतरफा झुकाव...आरोपियों को क्लिनचिट देने समेत कई गंभीर आरोप, अब होगा एक्शन

भोजपुर के तत्कालीन SDPO श्याम किशोर रंजन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश जारी किया है। केस सुपरविजन में अनियमितता, एकतरफा कार्रवाई और लापरवाही के आरोपों में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। गृह विभाग ने 15 दिनों में जवाब मांगा है।

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AI से सांकेतिक तस्वीर
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Viveka Nand
2 मिनट

Bihar Dsp Action: बिहार के एक डीएसपी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलेगी. सरकार में इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. भोजपुर के जगदीशपुर अनुमंडल के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस प्राधिकारी श्याम किशोर रंजन पर गंभीर आरोप हैं.

वर्तमान में नालंदा के पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) श्याम किशोर रंजन पर शाहपुर थाना कांड संख्या 343/ 2019, 99/ 2020 और जगदीशपुर थाना कांड संख्या 67/ 2020 और प्रतिलोम कांड 68/ 2020 के सुपरविजन में समानता नहीं बरती. मनमाने ढंग से गवाहों का बयान लिया गया. घटना में शामिल अभियुक्तों का दोषारोपण असत्य करार दिया गया. साथ ही एक पक्षीय कार्रवाई की गई. कांड के अनुसंधान के प्रति लापरवाही एवं बिहार सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों के उल्लंघन में डीएपी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए.

गृह विभाग ने जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई संचालित करने का निर्णय लिया है. विभाग ने कहा है कि आप अपने बचाव में लिखित बयान 15 दिनों में रखें. साथ ही यह भी पूछा गया है कि बताएं कि वे साक्षात सुनवाई कराना चाहते हैं?  साथी अगर उनके पास साक्ष्य की सूची हो उसे प्रस्तुत करें. गृह विभाग की तरफ से 13 अप्रैल को यह पत्र जारी किया है. 

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Viveka Nand

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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