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अंधविश्वास के चक्कर में दो बच्चों की गई जान, 3 की हालत नाजुक, तबीयत बिगड़ने के बाद झाड़-फूंक कराने गये थे परिजन

ARRAH: भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के सेमराव में अंधविश्वास के चक्कर में दो बच्चों की जान चली गयी है। बच्चों की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। डायरिया से मौत की

अंधविश्वास के चक्कर में दो बच्चों की गई जान, 3 की हालत नाजुक, तबीयत बिगड़ने के बाद झाड़-फूंक कराने गये थे परिजन
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

ARRAH: भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के सेमराव में अंधविश्वास के चक्कर में दो बच्चों की जान चली गयी है। बच्चों की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। डायरिया से मौत की आशंका परिजनों ने जतायी है। वही अन्य तीन मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। 


घटना के संबंध में बताया जाता है कि उल्टी और दस्त होने के बाद 5 लोग बीमार पड़ गये थे। लगातार उल्टी और दस्त होने से मरीजों की तबीयत खराब होने लगी लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन झाड़-फूंक कराने इटहना के ब्रह्म बाबा के पास परिजन ले गये। झाड़-फूंक के दौरान उनकी हालत और बिगड़ गयी।


तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने के बाद परिजन उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद अस्पताल में मरीजों का इलाज शुरू हुआ। अस्पताल पहुंचने में देरी होने की वजह से दो बच्चों ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया जबकि अन्य तीन मरीजों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।


बच्चों की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। डायरिया के कारण मौत की आशंका परिजन जता रहे हैं। मृतकों की पहचान सेसराव गांव निवासी राकेश राम के 8 वर्षीय पुत्र अभिनंदन कुमार और मनेर निवासी प्रमोद महतो के 10 वर्षीय पुत्र कल्लू कुमार के रूप में की गयी है। जबकि अन्य तीनों की भी पहचान की जा चुकी है। 


बताया जाता है कि तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन झाड़-फूंक के लिए सभी को ब्रह्म बाबा के पास ले गये थे लेकिन वहां उनकी तबीयत और बिगड़ गयी। झाड़-फूंक के चक्कर में ना पड़ परिजन यदि समय पर इलाज के लिए अस्पताल ले जाते शायद बच्चों की जान नहीं जाती। आश्चर्य की बात है कि इस इक्कीसवीं सदी में भी लोग झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वास पर विश्वास करते हैं। 



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Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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