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वाहन जांच के दौरान जमकर हुआ हंगामा, पुलिस पर पिटाई का आरोप

BHAGALPUR: जांच के दौरान पुलिस और वाहन मालिक के बीच हुई बकझक ने हंगामे का रूप ले लिया। वाहन चालक ने मधुसूदनपुर पुलिस पर बेवजह पिटाई किए जाने और मोबाइल छिनने का आरोप लगाया। ग्र

वाहन जांच के दौरान जमकर हुआ हंगामा, पुलिस पर पिटाई का आरोप
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

BHAGALPUR: जांच के दौरान पुलिस और वाहन मालिक के बीच हुई बकझक ने हंगामे का रूप ले लिया। वाहन चालक ने मधुसूदनपुर पुलिस पर बेवजह पिटाई किए जाने और मोबाइल छिनने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि वे मधुसूदनपुर पुलिस की कार्यशैली से परेशान हैं। 


दरअसल भागलपुर में मधुसूदनपुर टीओपी क्षेत्र के गनौरा बाधरपुर में मिथिला कॉलोनी के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस और वाहन मालिक के बीच किसी बात को लेकर बकझक शुरू हो गयी। इस दौरान वाहन मालिक ने मधुसूदनपुर पुलिस पर बेवजह पिटाई किए जाने का आरोप लगाया। घटना के संबंध में पीड़ित ने बताया कि बाइक चलाने के दौरान उनका बेटा बिना हेलमेट का था। तभी वाहन जांच कर रहे पुलिस कर्मियों ने बिना हेलमेट में रहने के कारण उससे जुर्माना देने की बात कही। 


जिसके बाद पुलिस को जुर्माना दिया गया लेकिन पुलिस द्वारा गाली गलौज करने पर पीड़ित ने इसका विरोध किया। इस दौरान दोनों के बीच काफी देर तक बकझक हुई। पीड़ित का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों ने उनके पुत्र और साथ में मौजूद पुत्री की जमकर पिटाई कर दी। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों द्वारा पुलिस की इस करतूत का विरोध शुरू हो गया। इस दौरान टीओपी प्रभारी मिथलेश कुमार के नेतृत्व में कई और पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए। 


इसके बाद आसपास खड़े कई निर्दोष लोगों को भी पुलिस ने बेरहमी से पीटा। इसके बाद भी जब बेरहम पुलिसवालों का मन नहीं भरा तो इन लोगों ने बीच बचाव कराने आए पीड़ित बाइक चालक के परिजनों को भी पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित के परिजन और अन्य ग्रामीणों की मानें तो पुलिसवालों ने लड़की और महिला तक को नहीं बख्शा। पुलिस की इस करतूत का वीडियो एक बच्चे ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया लेकिन दुर्भाग्यवश पुलिस की नजर वीडियो बना रहे बच्चे पर पड़ गई। फिर क्या था पुलिसवालों ने अपनी इस घिनौनी हरकत पर पर्दा डालने के लिए बच्चे की पिटाई कर उनके हाथ से मोबाइल छीन ली। 


मधुसुदनपुर पुलिस की पिटाई में घायल पीड़ितों के आंखों में आंसूओं का सैलाब है। दर्द से कराहते पीड़ित घटना के बाद पुलिस के उस क्रूरता का दास्तां बता रहा है। जिसमें केवल और केवल दर्द और कुछ पुलिसवालों के असंवेदनशील रवैयों की कहानी है। पुलिस की पिटाई से घायल महिला ने कहा कि पुलिसवालों ने जुर्माना देने के बाद भी उनके बेटे को पीटा। पहले पुलिस वाले शांत थे लेकिन एक स्थानीय जमीन कारोबारी के कहने पर पुलिस ने उन लोगों की पिटाई कर दी।


 यही नहीं पुलिस पिटाई में घायल ग्रामीण सुरेश ठाकुर बताते हैं कि वह तो वहां से  गुजर रहे थे उस वक्त इस घटना के बारे में पता भी नहीं थी। लेकिन थाने के एक पुलिसकर्मी अनमोल कुमार के साथ मिलकर टीओपी प्रभारी मिथलेश कुमार ने उनकी पिटाई की। यही हाल पैरू पासवान का है। पुलिसवालों ने बिना किसी गलती के उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद एसएसपी, सिटी एसपी और सिटी एएसपी से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण पुलिस का पक्ष नहीं लिया जा सका।


इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मधुसूदनपुर पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीण काफी आहत हैं। ग्रामीणों की मानें तो गनौरा बाधरपुर के कई दुकानों में गांजा की बिक्री धड़ल्ले से होती है। पिछले कुछ महीनों पहले करीब सैकड़ों ग्रामीणों ने उक्त दुकानों में गांजा की बिक्री होने की लिखित सूचना पुलिस को दी थी लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने सिर्फ खानापूर्ति ही की। हालांकि ग्रामीणों के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है ये तो पुलिसिया जांच के बाद ही पता चल पाएगा। 

रिपोर्टिंग
S

रिपोर्टर

Shushil

FirstBihar संवाददाता