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ट्रिपल मर्डर केस में 7 आरोपित को आजीवन कारावास की सजा, मृतकों के परिवार को 4-4 लाख मुआवजा देने का निर्देश

BEGUSARAI: बेगूसराय ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। वही तीनों मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपया सरकारी मुआ

ट्रिपल मर्डर केस में 7 आरोपित को आजीवन कारावास की सजा, मृतकों के परिवार को 4-4 लाख मुआवजा देने का निर्देश
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BEGUSARAI: बेगूसराय ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। वही तीनों मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपया सरकारी मुआवजा देने का निर्देश कोर्ट ने दिया है। 


मझौल अनुमंडल न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार प्रधान ने चेरिया बरियारपुर थाना कांड संख्या 118 /2011 की सुनवाई करते हुए तिहरे हत्याकांड मामले के सात आरोपित को हत्या और अपहरण में दोषी पाते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद सजा सुनाई। इस हत्याकांड में चेरिया बरियारपुर थाना के परोङ निवासी राम उदगार सहनी, रेशमी सहनी ,भरत सहनी ,नरेश सहनी ,विशो सहनी, रामाशीष सहनी, और चंदन सहनी को हत्या और अपहरण में भारतीय दंड विधान की धारा 302 ,364 ,149, 148 ,341, के तहत न्यायालय ने दोषी घोषित किया गया था।


सभी आरोपित को भारतीय दंड विधान की धारा 302 मे आजीवन कारावास एवं 10 हजार अर्थदंड तथा धारा 364/149 में आजीवन कारावास एवं 5 हजार अर्थदंड तथा धारा  148 में 2 साल सश्रम कारावास एवं 2 हजार अर्थदंड तथा धारा 341में 100 रुपये  अर्थदंड की सजा सुनायी गयी। तीनों मृतक के परिजनों को चार चार लाख रुपया सरकारी मुआवजा देने के लिए कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को जजमेंट की कॉपी भेजी है।अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार ने कुल 11 गवाहों की गवाही कराई। 


सूचक की ओर से पूर्व लोक अभियोजक वरीय अधिवक्ता मंसूर आलम ने सूचक का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा। सभी गवाहो ने घटना का पूर्ण समर्थन किया। सभी आरोपित पर आरोप है कि 6 सितंबर 2011 को 11:30 बजे दिन में फुलवङिया थाना के बारो निवासी सूचक एस एम ताजवर जो मौजा एकंबा स्थित अपने खेत में मजदूरों से मकई तोङवा रहा था।


उसी समय सभी अभियुक्त हरवे हथियार से लैस होकर आए और सूचक के मुंशी मोहम्मद अलाउद्दीन मजदूर सिपाही पासवान और झड़ी सहनी के साथ बुरी तरह से मारपीट करके गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। जिसमें मोहम्मद अलाउद्दीन और सिपाही पासवान की मौत इलाज के दरमियान हो गई जबकि झड़ी सहनी को मारपीट के वक्त ही आरोपितों ने वहां से अपहरण करके गायब कर दिया जिसकी लाश आज तक नहीं मिली है।