ब्रेकिंग
MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!

Success Story: कौन हैं IAS सुप्रिया साहू, जो UNEP अवॉर्ड से नवाजी गईं; जानिए सफलता की कहानी

Success Story: सुप्रिया साहू, सीनियर आईएएस अधिकारी, इन दिनों न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा में हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा साल 2025 का प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार दिया गया है।

Success Story
सफलता की कहानी
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Success Story: सुप्रिया साहू, सीनियर आईएएस अधिकारी, इन दिनों न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा में हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा साल 2025 का प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार दिया गया है। यह सम्मान उन्हें ‘प्रेरणा और कार्य’ श्रेणी में मिला है और इसे संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरण पुरस्कार माना जाता है। इस उपलब्धि के साथ सुप्रिया साहू ने भारत का नाम वैश्विक मंच पर और भी रोशन किया है।


सैलरी और पद

आईएएस सुप्रिया साहू वर्तमान में तमिलनाडु सरकार में अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इस पद पर उन्हें करीब 2,05,400 रुपये प्रति माह सैलरी मिलती है। इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास, वाहन, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी प्राप्त होती हैं। हालांकि, उन्हें उनकी सैलरी से अधिक उनके काम और सामाजिक योगदान के लिए जाना जाता है।


तीन दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव

सुप्रिया साहू 1991 बैच की तमिलनाडु कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर में 30 साल से अधिक समय तक प्रशासन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य किया है। उनका करियर केवल कार्यालय और फाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने जमीनी स्तर पर जाकर बदलाव लाने का प्रयास किया है।


पर्यावरण के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान

UNEP ने सुप्रिया साहू को यह सम्मान तमिलनाडु में पर्यावरण सुधार, जलवायु परिवर्तन से लड़ने और बिना प्रदूषण वाली कूलिंग तकनीक को बढ़ावा देने के लिए दिया है। उनके नेतृत्व में राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यही वजह है कि उन्हें दुनिया के सामने भारत की मजबूत आवाज के रूप में देखा जा रहा है।


नीलगिरि से शुरू हुआ बदलाव

अपने करियर की शुरुआत में सुप्रिया साहू नीलगिरि जिले की कलेक्टर रहीं। इसी दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन ब्लू माउंटेन’ नाम से एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य नीलगिरि क्षेत्र को सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त करना था। यह अभियान इतना सफल रहा कि लोगों की सोच और आदतों में बदलाव देखने को मिला।


गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

‘ऑपरेशन ब्लू माउंटेन’ के दौरान एक ही दिन में सबसे ज्यादा पेड़ लगाने का प्रयास किया गया। इस प्रयास ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और यह रिकॉर्ड आईएएस सुप्रिया साहू के नाम दर्ज हुआ। यह उपलब्धि उनके जमीनी प्रयासों और नेतृत्व क्षमता का बड़ा उदाहरण मानी जाती है।


शैक्षिक पृष्ठभूमि और UPSC सफर

सुप्रिया साहू का जन्म 27 जुलाई 1968 को उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान में MSc की डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें पर्यावरण और प्रकृति से गहरा लगाव हो गया। 1989 में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1991 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं, तमिलनाडु कैडर के साथ।


‘मीनदुम मंजप्पई’ पहल

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सुप्रिया साहू की एक और महत्वपूर्ण पहल रही ‘मीनदुम मंजप्पई’, जिसका मतलब है “फिर से पीला थैला।” इस अभियान के जरिए उन्होंने प्लास्टिक की जगह कपड़े के थैलों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया, जिसे आम लोगों ने भी अपनाया। सुप्रिया साहू तमिलनाडु सरकार में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग में अपर मुख्य सचिव हैं। इसके अलावा वह पहले दूरदर्शन की महानिदेशक और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग में भी अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं।


हरित तमिलनाडु के लिए कदम

उनके नेतृत्व में तमिलनाडु में 100 मिलियन से ज्यादा पेड़ लगाए गए, 65 नए आरक्षित वन बनाए गए और मैंग्रोव क्षेत्र का विस्तार किया गया। सुप्रिया साहू का मानना है कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करना होगा। सुप्रिया साहू की कहानी न केवल प्रशासनिक उत्कृष्टता की मिसाल है, बल्कि यह महिला नेतृत्व और पर्यावरण संरक्षण में भारत की वैश्विक पहचान का प्रतीक भी है।