3 मई 2026 को होने वाली NEET UG परीक्षा को लेकर National Testing Agency (NTA) ने इस बार नियमों को और सख्त कर दिया है। परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने ड्रेस कोड, एग्जाम सेंटर में एंट्री और साथ ले जाने वाली चीजों को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इन नियमों को गंभीरता से लें, क्योंकि छोटी सी गलती भी उन्हें परीक्षा से बाहर कर सकती है।

ड्रेस कोड: अब फैशन नहीं, नियम चलेंगे
इस बार NTA ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र पर फैशन नहीं, बल्कि नियमों का पालन जरूरी होगा। सभी अभ्यर्थियों को हल्के और साधारण कपड़े पहनकर आना होगा। फुल स्लीव, भारी या वुलेन कपड़ों पर रोक लगाई गई है।
लड़कियों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि वे झुमके, चेन या किसी भी तरह के आभूषण पहनकर न आएं। इसके अलावा हाई हील्स, मोटे सोल वाली सैंडल या जूते पहनने की भी अनुमति नहीं होगी। केवल चप्पल या कम हील वाली सैंडल पहनकर ही एंट्री मिलेगी।
क्या लेकर जाएं, क्या नहीं—पहले से जान लें
एग्जाम सेंटर पर केवल जरूरी चीजें ही ले जाने की अनुमति होगी। अभ्यर्थी ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल, एडमिट कार्ड और जरूरी दस्तावेज अपने साथ रख सकते हैं। वहीं, मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। बैग, किताबें या नोट्स ले जाने पर भी रोक है। किसी भी तरह का गैर-जरूरी सामान मिलने पर कार्रवाई हो सकती है।
धार्मिक पहनावे को राहत, लेकिन नियमों के साथ
NTA ने धार्मिक स्वतंत्रता का ध्यान रखते हुए पगड़ी, हिजाब जैसे पहनावे की अनुमति दी है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है, इसलिए उन्हें समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
लेट हुए तो मौका खत्म
एजेंसी ने समय को लेकर सबसे सख्त निर्देश दिया है। सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र पर तय समय से पहले पहुंचना होगा। एक बार गेट बंद हो जाने के बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, चाहे कारण कुछ भी हो। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक या अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए समय से काफी पहले घर से निकलें।
एग्जाम सेंटर पर व्यवहार भी मायने रखेगा
NTA ने छात्रों से यह भी कहा है कि वे परीक्षा केंद्र पर मौजूद स्टाफ के साथ सहयोग करें और किसी भी तरह की बहस या विवाद से बचें। सभी निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
क्यों जरूरी हैं ये सख्त नियम?
पिछले कुछ वर्षों में परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में NTA ने इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतने का फैसला किया है। इन नियमों का मकसद नकल और गड़बड़ी को रोकना है, ताकि हर छात्र को निष्पक्ष मौका मिल सके।
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे में जरूरी है कि छात्र केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि परीक्षा से जुड़े नियमों की भी पूरी तैयारी करें। सही जानकारी और समय पर पहुंचना ही सफलता की पहली शर्त है।


