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शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 50 से अधिक हेडमास्टर का वेतन कटा, 261 विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों से मांगा जवाब

Bihar Education News: औरंगाबाद में कक्षा-1 नामांकन और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डेटा अपडेट में लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। 54 प्रधान शिक्षकों का वेतन काटा गया और 261 स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Bihar Education News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Education News: बिहार के औरंगाबाद जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-एक के नामांकन और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उसकी ऑनलाइन प्रविष्टि में गंभीर लापरवाही सामने आने पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने 54 प्रधान शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के तीन दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है, जबकि 261 विद्यालयों के हेडमास्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।


जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, 9 जून को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि औरंगाबाद जिले की प्रगति बेहद असंतोषजनक है और कई विद्यालयों में बार-बार निर्देश के बावजूद कक्षा-एक के नामांकन की प्रविष्टि अपडेट नहीं की गई।


जांच में 54 ऐसे विद्यालय सामने आए जहां कक्षा-एक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन प्रविष्टि शून्य पाई गई। इसे गंभीर लापरवाही और विभागीय आदेश की अवहेलना मानते हुए संबंधित प्रधान शिक्षकों के तीन दिन का वेतन काटने के साथ ही तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।


इसके अलावा 261 विद्यालयों में कक्षा-एक के नामांकित छात्रों की ई-शिक्षाकोष पर प्रविष्टि 30 प्रतिशत से भी कम पाई गई है। इन सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है, साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


वेतन कटौती की कार्रवाई औरंगाबाद जिले के बारूण, देव, दाउदनगर, गोह, हसपुरा, कुटुंबा, मदनपुर, नवीनगर, ओबरा और रफीगंज प्रखंडों के विद्यालयों में की गई है। वहीं स्पष्टीकरण मांगने के मामले में सबसे अधिक विद्यालय नवीनगर प्रखंड से हैं, जबकि अन्य प्रखंडों में भी बड़ी संख्या में स्कूल शामिल हैं।


शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। अब कई स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाध्यापक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को तेजी से अपडेट करने में जुट गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे से केवल कागजी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पोर्टल पर दर्ज वास्तविक प्रगति के आधार पर ही जवाबदेही तय की जाएगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता