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ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे का सख्त प्लान, 140 गांवों की हुई मैपिंग; ‘रेल मित्र’ को कमान

Stone Pelting Train: रेलवे ने वंदे भारत समेत ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। 140 गांवों की मैपिंग, 856 रेल मित्रों की तैनाती और CCTV से निगरानी बढ़ाई गई है। कई संवेदनशील सेक्शन चिन्हित किए गए हैं।

Stone Pelting Train
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Stone Pelting Train: वंदे भारत एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने व्यापक और सख्त योजना तैयार की है। यात्रियों और ट्रेन क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने संवेदनशील इलाकों में विशेष अभियान शुरू किया है।


पूर्व मध्य रेल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे बसे 140 गांवों की आरपीएफ की मदद से मैपिंग की गई है, जिसमें उन सेक्शनों को शामिल किया गया है जहां पत्थरबाजी की घटनाएं अधिक होती हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को जोड़कर ‘रेल मित्र’ अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत अब तक 856 रेल मित्र बनाए जा चुके हैं। ये लोग ट्रैक के आसपास निगरानी रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी रेलवे प्रशासन को दे रहे हैं।


आरपीएफ ने समस्तीपुर और सोनपुर मंडल के 96 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों का डाटा भी तैयार किया है जो पहले पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। इस सूची को रेल मित्रों के साथ साझा किया गया है ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, जिससे घटनाओं की पहचान और त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं न केवल रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि यात्रियों की जान को भी गंभीर खतरे में डालती हैं। इसी को देखते हुए इस अभियान का उद्देश्य ‘सुरक्षित रेल, सुरक्षित सफर’ सुनिश्चित करना है। रेलवे ने आम जनता से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है।


नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर और हाजीपुर रेल सेक्शन को विशेष रूप से अति संवेदनशील माना गया है, जहां इस वर्ष अब तक दो दर्जन से अधिक पत्थरबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं। नरकटियागंज-कपरपुरा और मुजफ्फरपुर-रामदयालु सेक्शन में लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। आरपीएफ ने अधिकांश मामलों में गिरफ्तारी भी की है, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं पूरी तरह रुक नहीं पाई हैं।


विशेषकर गोरखपुर-पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। रेलवे का मानना है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है, जिससे न केवल रेल संपत्ति की सुरक्षा होगी बल्कि पुलिस पर अनावश्यक बोझ भी कम होगा।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता