PATNA: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना में गुरुवार को संस्थान के श्रद्धेय मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत तथा बिहार एवं झारखंड के सेवानिवृत मुख्य आयकर आयुक्त स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की 10वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। उनके दूरदर्शी विचार, जीवन-मूल्य और आदर्श आज भी संस्थान की विकास-यात्रा को दिशा और प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। स्मृति समारोह में आईएसएम परिवार के सदस्यों ने गहन श्रद्धा, कृतज्ञता और आत्मचिंतन के भाव के साथ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और उस प्रेरक विरासत को स्मरण किया गया, जो संस्थान के मूल्यों और आकांक्षाओं में आज भी गहराई से रची-बसी है।
इस अवसर पर आईएसएम पटना के चेयरमैन एवं स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह के अनुज, श्री समरेन्द्र सिंह, वाइस चेयरमैन श्री देवल सिंह तथा सचिव, श्री अमल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष भावनात्मक महत्त्व प्रदान किया। स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की बहुमूल्य विरासत के संवाहक के रूप में उनकी उपस्थिति उन मूल्यों, संकल्पों और आकांक्षाओं की जीवंत अभिव्यक्ति थी, जिन्हें स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह ने जीवनभर संजोया और संस्थान के भविष्य से जोड़ा था।
स्मृति समारोह के दौरान, निदेशक डॉ. संदीप कुमार और एकेडमिक हेड डॉ. स्वेता रानी के स्मृति-व्याख्यान ने वातावरण को भावपूर्ण और चिंतनशील बना दिया। कार्यक्रम के प्रमुख संदेशों को रेखांकित करते हुए आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर एवं एडमिनिस्ट्रेटर, नीरू कुमारी ने कहा कि किसी दूरदर्शी व्यक्तित्व के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि केवल उनके स्मरण तक सीमित नहीं होती, बल्कि उनके मूल्यों को अपने दैनिक आचरण में उतारने में निहित होती है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से समर्पण, अनुशासन, संवेदनशीलता और संस्थागत उत्तरदायित्व की संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की प्रेरक विरासत आने वाली पीढ़ियों का भी मार्गदर्शन करती रहे।
अपने स्मृति-संबोधन में एकेडमिक हेड डॉ. स्वेता रानी ने स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह के असाधारण नेतृत्व-गुणों और संस्थान के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का उल्लेख किया। एक भावपूर्ण रूपक के माध्यम से उन्होंने कहा कि स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह ने दूरगामी दृष्टि के साथ आईएसएम रूपी पौधा लगाया था, जो उनके आदर्शों और मूल्यों से सिंचित होकर आज ज्ञान और अवसर के विशाल एवं फलते-फूलते वृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में सफलता के लिए '3डी' डिसिप्लिन, डेडिकेशन और डिटरमिनेशन अर्थात अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प को अपना मूलमंत्र बनाने का आह्वान किया। शिक्षा और उपलब्धियों की परिवर्तनकारी शक्ति पर बल देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को 'बिहारी' शब्द से जुड़ी रूढ़ धारणाओं को अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों से चुनौती देने तथा इसे योग्यता, दृढ़ता और सफलता की गौरवपूर्ण पहचान के रूप में स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह के जीवन और विरासत पर प्रकाश डालते हुए निदेशक डॉ. संदीप कुमार ने उनके जीवन-वृत्त की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की और उनकी असाधारण कर्मठता, दृढ़ संकल्प तथा बिहार के शैक्षणिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को नमन किया। उन्होंने कहा कि आईएसएम पटना स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह के उस स्वप्न का मूर्त रूप है, जिसमें बिहार के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर सृजित करने और यहां के युवाओं को आत्मविश्वासी, सक्षम तथा सफल व्यक्तित्व के रूप में विकसित करने की परिकल्पना निहित थी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, कौशल और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास का संस्थान का मिशन उसी स्वप्न को आगे बढ़ा रहा है, ताकि बिहार के युवा अपने राज्य में ही बेहतर शिक्षा और अवसर प्राप्त कर सकें तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन को दीर्घकाल में कम किया जा सके।
समारोह का एक विशेष और भावपूर्ण आकर्षण स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की स्मृति को समर्पित विशेष यूट्यूब वीडियो का लोकार्पण रहा। इस वीडियो की संकल्पना और निर्माण पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने किया। युवा रचनात्मकता और भावपूर्ण स्मृतियों के सुंदर समन्वय के माध्यम से तैयार वीडियो का उद्देश्य स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की स्मृतियों को सहेजने के साथ-साथ विद्यार्थियों की नई पीढ़ी को संस्थान के इस प्रेरणास्रोत के जीवन, आदर्शों और विरासत से परिचित कराना था। इस पहल ने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल स्टोरीटेलिंग किस प्रकार स्मृतियों और भावी पीढ़ियों के बीच एक सार्थक सेतु बन सकती है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रमुखों की भी उपस्थिति रही। इनमें कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभागाध्यक्ष, श्री राजेश्वर दयाल, मैनेजमेंट की विभगाध्यक्ष, डॉ. पूजा दुबे, कॉमर्स के विभागाध्यक्ष, श्री सुधीर कुमार सिन्हा तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष, डॉ. सुनीता सहित संस्थान के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण सदस्य तथा विद्यार्थी शामिल थे। सभी ने स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए संस्थान के निर्माण और विकास में उनके योगदान को स्मरण किया।स्मृति समारोह का समन्वय कल्चरल कमेटी की कोऑर्डिनेटर, श्रीमती स्वाति सवर्ण तथा कमेटी की सदस्य, सुश्री रगदाह जावेद ने किया। उनके समन्वित प्रयासों ने पूरे आयोजन की गरिमा, भावपूर्ण वातावरण और अनुशासित संचालन को सुनिश्चित किया।







