Hindi News / career / Success Story: स्विट्जरलैंड की नौकरी छोड़ किया UPSC की तैयारी, तीसरे प्रयास में...

Success Story: स्विट्जरलैंड की नौकरी छोड़ किया UPSC की तैयारी, तीसरे प्रयास में बन गई IAS अधिकारी

Success Story: UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना किसी के लिए भी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होता है। IAS अंबिका रैना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 07, 2025, 12:49:35 PM

Success Story

सफलता की कहानी - फ़ोटो GOOGLE

Success Story: देश की कई महिला IAS अधिकारी ऐसी हैं, जो न सिर्फ अपने काम से पहचान बना रही हैं, बल्कि अपने स्टाइलिश और एलिगेंट लुक्स से भी लोगों को प्रभावित कर रही हैं। अक्सर ऐसा माना जाता है कि अफसरों की दुनिया सिर्फ गंभीरता से भरी होती है, लेकिन कुछ अफसर इस छवि को बदल रही हैं। उन्हीं में से एक हैं जम्मू-कश्मीर की रहने वाली IAS अफसर अंबिका रैना, जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर अफसर बनने से पहले स्विट्जरलैंड की एक हाई-पेइंग नौकरी को ठुकरा दिया था।


बता दें कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना किसी के लिए भी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होता है। IAS अंबिका रैना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। अंबिका ने दो बार असफलता का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मेहनत की और आखिरकार सफलता प्राप्त की। आज वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं और सामाजिक बदलाव लाने के प्रयासों में सक्रिय हैं।


अंबिका का व्यक्तित्व केवल उनके प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है। वे अपने फैशन सेंस और आत्मविश्वास भरे स्टाइल के कारण भी लोगों के बीच चर्चा में रहती हैं। वे यह संदेश देती हैं कि एक महिला अफसर भी अपनी व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को संतुलित रूप से निभा सकती है। साड़ी हो या वेस्टर्न आउटफिट्स, अंबिका हर लुक में आत्मविश्वास और गरिमा की मिसाल पेश करती हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनके लुक्स वायरल होते रहते हैं और युवाओं खासतौर पर लड़कियों के लिए वे रोल मॉडल बन गई हैं।


उनकी तस्वीरें और प्रस्तुतिकरण यह दिखाता है कि सरकारी सेवा और ग्लैमर साथ चल सकते हैं, बशर्ते आत्म-अनुशासन और ज़मीन से जुड़ाव बना रहे। सादगी में भी स्टाइल हो सकता है। यह बात अंबिका ने अपने जीवन से सिद्ध कर दी है। उनका जीवन यह भी बताता है कि यदि मन में लगन और दिशा सही हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। अंबिका रैना का संघर्ष, उनकी जीत, उनका आत्मविश्वास और उनका स्टाइल इन सबका संयोजन उन्हें भीड़ से अलग बनाता है। वे उन अफसरों में से हैं, जो न सिर्फ नीतियां बनाती हैं, बल्कि खुद एक प्रेरणादायक कहानी बन जाती हैं।